बदायूं गुरुवार को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के नेहरू युवा केंद्र बदायूँ एवं नमामि गंगे परियोजना के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय ग्राम स्तरीय गंगा दूत प्रशिक्षण का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र उझानी में आयोजित हुआ।गंगा की सफाई को लेकर जरूरी जानकारी दी गई।इसी के साथ नमामि गंगे परियोजना के गंगा दूतों का चतुर्थ बैच का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ जिसका विधिवत समापान नगर पंचायत उसहैत की अध्यक्ष सैनरा वैश्य, एनएसएस के जिला नोडल अधिकारी डॉ आरके जायसवाल एवं जिला युवा अधिकारी डॉ दिनेश यादव ने स्वामी विवेकानंद और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

















प्रशिक्षण में उपस्थित युवा गंगा दूतों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सैनरा वैश्य ने कहा कि राष्ट्र में जब जब क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं तो वो युवाओं ने किए हैं, अतः युवा राष्ट्र की धरोहर हैं जिन्हे आगे आकर गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने हेतु अपना अमूल्य योगदान करना होगा।उन्होंने गंगा दूतों से आव्हान करते हुए उनके लक्ष्य को याद दिलाते हुए कहाकि उन्हें गंगा को साफ-सुधरा रखना है। गंगा में गंदगी न डाली जाए, इस संबंध में लोगों को जागरूक करें। अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए गंगा के आसपास के लोगों को प्रेरित करें। सैनरा ने चेताते हुए कहा कि अंधाधुंध जल दोहन से लगातार जल स्तर घटता जा रहा है। यदि भविष्य को सुरक्षित रखना है तो अभी से जल संरक्षण करना जरूरी है। उन्होंने गंगा को निर्मल और अविरल बनाने में मेरे से जो भी सकारात्मक सहयोग होगा उसके लिये में सदा हाजिर रहूंगी। इस दौरान सैनरा वैश्य ने गंगा दूतों के साथ मिलकर अपने विशेष अभियान “हरेला” के अन्तर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र उझानी के प्रांगण में फलदार और छायादार वृक्ष का वृक्षारोपण भी किया।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए एनएसएस के जिला नोडल अधिकारी डॉ आरके जायसवाल ने कहा कि जिस प्रकार रोटी कपड़ा और मकान जीवन की महती आवश्यकता हैं उसी प्रकार ऑक्सीजन और पानी भी जीवन की परम आवश्यकता है अतः युवा जल को बचाएं तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें ताकि प्रकृति से हमे अधिक से अधिक जल और वायु प्राप्त होती रहे। उन्होंने नेहरू युवा केन्द्र बदायूं द्वारा आयोजित गंगा दूतों के सफल प्रशिक्षण की मुक्त कंठ से सराहना की।
जिला युवा अधिकारी डॉ दिनेश यादव ने इस प्रशिक्षण की रूपरेखा बताते हुए कहा कि नेहरू युवा केंद्र बदायूं द्वारा जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से नमामि गंगे परियोजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 670 युवाओं को 50..50 के समूह में प्रशिक्षित किया जा रहा है जो गंगा को निर्मल और अविरल बनाने में अपने अपने ग्रामों में जनमानस को जागरूक करेंगे।इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त युवा गंगा दूतों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गये।
समापन समारोह को प्रमुख रूप से डीपीओ नमामि गंगे अनुज प्रताप सिंह, प्रमुख प्रशिक्षक देवेंद्र कुमार गंगवार एवं अशोक कुमार तोमर, भुवनेश कुमार शर्मा, कमलेश देवी तथा ऋषभ सिंह ने सम्बोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रमुख प्रशिक्षक देवेंद्र कुमार गंगवार एवं अशोक तोमर तथा अतिथियों का आभार डीपीओ नमामि गंगे अनुज प्रताप सिंह ने किया, समापन पर सभी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।


























