- दोनों पुराने उपमुख्यमंत्री की हो सकती है छुट्टी
- डिप्टी सीएम के दोनों पद पर नए चेहरे सामने होंगे। एक चेहरा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह
- दूसरा डिप्टी सीएम के दलित समाज से भी होने की प्रबल चर्चा है।
- 2024 लोकसभा चुनाब के मद्देनजर इस बार दलित व दूसरी पिछड़ी जाती के होंगे उपमुख्यमंत्री
- पुराने मंत्रिमंडल में से केवल 8- 10 चेहरों को मिलेगी जगह बाकी नए जातियों समीकरण व नये जिलों को मिल सकता है प्रतिनिधित्व
- सहयोगी अपना दल (एस) तथा निषाद पार्टी के विधायकों को भी मंत्रिमंडल में मिलेगी जगह
- इस बार एमएलसी अरविंद शर्मा को भी मौका मिल सकता मंत्री मंडल में स्थान
लखनऊ ।प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को नई दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह तथा प्रदेश के महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी अब उत्तर प्रदेश में अगली सरकार के गठन की तैयारियों में है। यह तो तय है कि गोरखपुर शहर से निर्वाचित विधायक योगी आदित्यनाथ ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ में मंत्री पद की शपथ लेने वालों के नाम पर भाजपा संगठन में मंथन जारी है। 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस बार मंत्रिमंडल में जातीय के साथ क्षेत्रीय संतुलन भी साधा जाएगा।
पार्टी दोनों डिप्टी सीएम बदलेगी। डा. दिनेश शर्मा के चुनाव न लडऩे और केशव प्रसाद मौर्य के कौशांबी की सिराथू से चुनाव हारने के बाद से डिप्टी सीएम के दोनों पद पर नए चेहरे सामने होंगे। एक चेहरा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह का भी हो सकता है।डिप्टी सीएम पर दलित को भी आजमाया जा सकता है,माना जा रहा है कि भाजपा केन्द्रीय मंत्री कौशल किशोर पर दांव खेल सकती है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ ही 11 मंत्रियों के चुनाव हारने के कारण काफी संख्या में नए चेहरों को मौका मिलेगा। यह तो तय है कि इस बार योगी आदित्यनाथ कैबिनेट का चेहरा काफी बदला हुआ होगा। मंत्री पद पर करीब दो दर्जन से ज्यादा नए चेहरों को मौका मिलेगा। भाजपा अपने सहयोगी दलों अपना दल (एस) तथा निषाद पार्टी के विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह देगी।
स्वदेश केसरी न्यूज़ को संगठन के सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार सम्भावित मंत्रिमंडल में यह नाम हो सकते हैं शामिल,देखें पूरी लिस्ट
पुलिस की नौकरी छोड़कर विधायक बने असीम अरुण तथा राजेश्वर सिंह में से किसी एक का मंत्री बनना तय है। असीम अरुण कन्नौज सदर तथा राजेश्वर सिंह लखनऊ के सरोजनीनगर से विधायक निर्वाचित हुए हैं। रिकार्ड मतों से जीतने वाले गाजियाबाद के साहिबाबाद से विधायक सुनील शर्मा लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं। उनका नाम भी शामिल हो सकता है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बलिया सदर से जीत दर्ज की है। उनकी मंत्री पत्नी का टिकट काटा गया, अब उनको मौका मिल सकता है। साथ ही भितरीचैनपुर बरेली से पहली बार जीते डॉ राघवेंद्र शर्मा को मंत्री बनाये जाने की प्रबल संभावना है। बदायूँ में पिछड़ों को साधने और स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी बदायूँ सांसद संघमित्रा के कद को छांटने के लिये बिल्सी से पहली बार विधायक बने हरीश शाक्य को मंत्री बनाया जा सकता है। देवरिया से बड़ी जीत दर्ज करने वाले मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी के साथ ही रायबरेली सदर की विधायक अदिति सिंह को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। हरदोई के नितिन अग्रवाल, आगरा ग्रामीण की बेबी रानी मौर्य तथा इसबार एमएलसी अरविंद शर्मा को भी मौका मिल सकता है। अपना दल से एमएलसी आशीष पटेल, कायमगंज से विधायक डॉ.सुरभि, प्रयागराज की बारा सीट से विधायक वाचस्पति के अलावा निषाद पार्टी से डा.संजय निषाद, तमुकहीराज से विधायक असीम राय को योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।,

























