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भाजपा में लगी इस्तीफों की झड़ी, एक दिन में मंत्री समेत चार विधायकों का इस्तीफा स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ शाहजहांपुर के तिलहर से विधायक रोशनलाल वर्मा ने भी छोड़ी पार्टी,बदायूँ के पूर्व जिलाध्यक्ष पर टिकी सभी की नजरें

  • भाजपा में लगी इस्तीफों की झड़ी, एक दिन में मंत्री समेत चार विधायकों का इस्तीफा
  • स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ शाहजहांपुर के तिलहर से विधायक रोशनलाल वर्मा ने भी छोड़ी पार्टी
  • मौर्य का दावा , “अभी दर्जनों विधायक आएंगे.
  • स्वामी प्रसाद की बेटी डॉक्टर संघमित्रा मौर्य उत्तर प्रदेश के बदायूं से बीजेपी की सांसद हैं.
  • बदायूँ के पूर्व जिलाध्यक्ष पर टिकी सभी की नजरें, बदल सकते हैं पाला,

लखनऊ/बदायूं। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफा देते ही उत्तर प्रदेशकी सियासत में देखते ही देखते भूचाल आ गया. भारतीय जनता पार्टी के लिए आज का दिन सियासी लिहाज से अच्छा नहीं रहा. भारतीय जनता पार्टी को न केवल स्वामी प्रसाद मौर्य के रूप में बड़ा झटका लगा, बल्कि बांदा के तिंदवारी सीट से भाजपा विधायक बृजेश प्रजापति ने भी इस्तीफा दे दिया है. अब खबर है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ कई और भाजपा विधायक और मंत्री पाला बदल सकते हैं और सपा का दामन थाम सकते हैं. अचानक बीजेपी में मची इस भगदड़ के मद्देनजर अब अमित शाह एक्शन मोड में आ गए हैं. भाजपा आलाकमान नाराज नेताओं को मनाने की कवायद में जुट गया है.

अमित शाह ने दिया निर्देश खुद अमित शाह ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और सुनील बंसल को नाराज नेताओं को मनाने की जिम्मेदारी दी है. सूत्रों के मुताबिक, अभी कम से कम पांच भाजपा विधायक और हैं, जिनका इस्तीफ़ा हो सकता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पिछड़े दलित वर्ग के इन विधायकों से स्वामी प्रसाद मौर्य की पहले ही बात हो चुकी है. सभी समाजवादी पार्टी ज्वाइन करने की कोशिश में हैं. जानकारी के मुताबिक, इन सभी विधायकों को सपा से टिकट का आश्वासन है. हालांकि, भाजपा इस बड़े झटके को संभालने की कोशिशों में जुटी हुई है. बीजेपी के नेता इन्हें समझाने में लगे हुये हैं. अमित शाह ने अपने प्रमुख नेताओं को नाराज नेताओं को समझाने को कहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ समेत डिप्टी सीएम और कई नेता इस वक्त दिल्ली में हैं, मगर बदलते सियासी हालात पर नज़र रखे हुए हैं.

बीजेपी में हलचल
स्वामी प्रसाद मौर्य ने ये फैसला ऐसे वक़्त लिया है जब मंगलवार को बीजेपी की अहम बैठक जारी है. इसमें गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ हिस्सा ले रहे हैं.

उत्तर प्रदेश की राजनीति पर नज़र रखने वाले विश्लेषक स्वामी प्रसाद मौर्या को पिछड़े वर्ग का ‘बड़ा और असरदार नेता’ बताते हुए दावा कर रहे हैं कि चुनाव पहले उनका अलग होना बीजेपी के लिए झटका साबित हो सकता है.

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्विटर पर लिखा, ” आदरणीय स्वामी प्रसाद मौर्य जी ने किन कारणों से इस्तीफा दिया है मैं नहीं जानता हूँ. उनसे अपील है कि बैठकर बात करें जल्दबाजी में लिये हुये फैसले अक्सर गलत साबित होते हैं.”

मौर्य जब बहुजन समाज पार्टी में थे तब वो समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले करते रहे थे.

क्या बोले स्वामी प्रसाद मौर्य ?नेतृत्व ने नहीं सुनी बात
स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस्तीफ़ा देने के बाद मीडिया से बात की मौर्य ने इस्तीफ़े का एलान करने के बाद मीडिया के सवालों का जवाब भी दिया. मौर्य ने दावा किया कि उन्होंने पार्टी के ‘बड़े नेताओं के सामने भी ये मुद्दे उठाए थे लेकिन कुछ हुआ नहीं.’मौर्य ने कहा, “उचित प्लेटफॉर्म पर बात उठाई. बात तो सुनी गई लेकिन कुछ हुआ नहीं.”उन्होंने दावा किया कि उनके साथ कितने और नेता बीजेपी छोड़कर आएंगे, ये अगले एक-दो दिन में साफ़ हो जाएगा.मौर्य ने दावा किया, “अभी दर्जनों विधायक आएंगे. आप आगे की वार और आगे की धार देखते रहिए. “

मौर्य साल 2016 में बहुजन समाज पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे. वो उत्तर प्रदेश में पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं.वर्तमान में उनकी बेटी डॉक्टर संघमित्रा मौर्य उत्तर प्रदेश के बदायूं से बीजेपी की सांसद हैं.

क्या बोले अखिलेश यादव?
भारतीय जनता पार्टी से किनारा करने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ‘समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं.’

स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की जानकारी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दी.अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा, ” सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्या जी एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन! “

कौन-कौन हैं भाजपा को झटका देने की कतार में
सूत्रों की मानें तो आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी भी समाजवादी पार्टी में जा सकते हैं. इतना ही नहीं, कानपुर देहात से बीजेपी विधायक भगवती प्रसाद सागर को स्वामी प्रसाद मौर्य के आवास पर देखा गया है. साथ ही मंत्री दारा सिंह चौहान भी भाजपा छोड़ सकते हैं. इतना ही नहीं, तिलहर से भाजपा विधायक रोशन लाल वर्मा भी सपा में जा सकते हैं. अब देखने वाली बात होगी कि आखिर भाजपा अपनी पार्टी में मची इस भगदड़ को कैसे रोकती है. अगर सिलसिला यूं चलता रहा तो सपा के पक्ष में हवा बनते देर नहीं लगेगी और यूपी चुनाव के नतीजे मौजूदा चुनावी सर्वे के उलट चौंकाने वाले भी हो सकते हैं.

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