अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की बैठक केंद्रीय कार्यालय दिल्ली में सम्पन्न हुई , बैठक में बदायूँ के सचिन सूर्यवंशी को आयोग में सदस्यता के साथ बरेली मण्डल के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई ।
बैठक में बोलते हुए आयोग के अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. नेमसिंह प्रेमी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना समाज के पीड़ित, शोषित, दुर्बल व जरूरतमंदों के लिए हुई है और आरम्भ से ही इन्हीं उद्देश्यों पर कार्य किया जा रहा है। इसीलिए प्रार्थी को आयोग में सदस्यता प्रदान करने से पहले आवश्यक रूप से उसके ग्रह जनपद व निवास स्थान के अलावा वहाँ के स्थानीय निवासियों से भी उसके चरित्र, कार्य, व्यवहार व क्रियाकलापों के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है यदि सर्वेक्षण में प्रार्थी स्वच्छ छवि का व्यक्ति सिद्ध होता है तब ही उसे सदस्यता प्रदान की जाती है।
डॉ नेम सिंह प्रेमी ने बताया कि सर्वेक्षण के आधार पर हमने पाया कि सचिन सूर्यवंशीय पूर्व में भी कई वर्षों से समाजसेवी के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और सभी आयु वर्ग व सभी जाति धर्म के लोगों में अत्यधिक लोकप्रिय भी हैं इसीलिए उन्हें आयोग में सदस्यता के साथ बरेली मण्डल के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हमें पूर्ण विश्वास है कि वे जनपद बदायूँ की तरह बरेली मण्डल के प्रत्येक जनपद में अपने सेवा कार्यों के बल पर ख्याति प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का भी नाम रौशन करेंगे। विदित हो कि सचिन सूर्यवंशी सूर्यवंशी ने दस वर्ष पूर्व भारतीय एकता परिवार नामक संस्था की स्थापना कर जन जन की सेवा एवं सहायता करते चले आ रहे हैं जिसमें समाज के सभी वर्गों का का भरपूर आशीर्वाद व सहयोग मिल रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग की राष्ट्रीय सचिव एडवोकेट श्रीमती संगीता शर्मा ने की, आयोग के अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन श्रीमान डॉ. नेमसिंह प्रेमी जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।इस अवसर पर श्रीमती संगीता शर्मा ने कहा कि महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को एक महिला ही अच्छी तरह समझ सकती है इसलिए प्रत्येक जनपद स्तर पर महिलाओं को भी अधिक से अधिक संख्या में जोड़ कर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए तथा उनके ऊपर होने वाले अपराध व अत्याचारों की रोकथाम हेतु प्रयास किये जाएँ।
सचिन सूर्यवंशी ने अपने सम्बोधन में अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आयोग के उच्चतम पदाधिकारियों ने मुझ पर जो भरोसा किया है उसे हम कभी भी टूटने नहीं देंगे और जो जिम्मेदारी सौंपी गयी है उसे पूरा करने हेतु हर सम्भव प्रयास करेंगे।

























