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भगवान की शरणागति के बिना जीवन में शांति संभव नहीं-पुष्कर पीठाधीश्वर स्वामी रामचन्द्राचार्य, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने कथा में आरती कर लिया आर्शीवाद

  • कथा के आठवें दिन शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने कथा का किया रसपान,
  • कथा उपरान्त विधायक ने आरती कर स्वामी जी से लिया आर्शीवाद,
  • भाजपा नेता अरुण प्रकाश “धोबी” ने भी कथा सुन लिया स्वामी जी से आर्शीवाद
  • कथा स्थल पर हनुमानजी का डोला लेकर पहुंचे राजीव शर्मा,
  • कथा उपरांत पूछे जाने वाले प्रश्न का सही उत्तर देकर सारिका राठी ने जीता 501 ₹ का पुरुस्कार

बिल्सी (बदायूँ)सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम बिल्सी द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा के आठवें दिवस कथा सुनाते हुए कथा व्यास पुष्कर पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रामचन्द्राचार्य महाराज ने बताया कि भगवान राम और कृष्ण एक ही हैं अज्ञानी लोग भेद करते हैं

भगवान की कथा औषधि है स्वयं भगवान बैद्य हैँ जीवन का सत्य शिव और सुंदर हो जाना है मानव शरीर परमात्मा की प्राप्ति का साधन है इसलिए शरीर रूपी साधन का ध्यान रखना भी जरूरी है भगवान की शरणागति के बिना जीवन में शांति संभव नहीं शरणागति सभी बाधाओं की निवृत्ति का एकमात्र साधन है हमारी सभी इंद्रियां भगवान के चरणों से जुड़ जाएं वास्तविकता में वही व्रत है वैष्णबों को एकादशी व्रत अवश्य करना चाहिए सभी बृजवासी भगवान के साथ एकादशी व्रत करते हैं और भगवान की आराधना करते हैं वरुण जी के पार्षद भगवान के दर्शन की कामना से बाबा नंद को वरुण लोक ले जाते हैं भगवान वरुण जी के ऊपर कृपा करने के लिए वरुण लोक में पधार ते हैं वरुण जी भगवान की बहुत सुंदर स्तुति करते हैं व्यक्ति का अंतः करण जितना निर्मल होता है उतना ही भगवत प्रेम अधिक होता है हेमंत ऋतु के प्रथम मास में गोपियां भगवान की प्राप्ति के लिए कात्यायनी देवी का व्रत करती हैं भगवान की आराधना में डूबे हुए महापुरुषों को आलवार संत कहते हैं श्री संप्रदाय जिसको रामानुज संप्रदाय कहते हैं ऐसे अालवार महापुरुषों के द्वारा अनादि काल से सेवित है विधर्मीयों ने जब अपनी कुबुद्धि के द्वारा शास्त्रों को दूषित कर दिया तब उनका शोधन करने के लिए भगवान की आज्ञा से स्वयं श्री शेष जी रामानुजाचार्य के रूप में कलिकाल में अवतरित हुए और समाज का शास्त्रों का शोधन किए भजन भगवान वेंकटेश ने रामानुज स्वामी से मंत्र दीक्षा लेकर रामानुज स्वामी को गुरु रूप में स्वीकार किया जो जीब रामानुज स्वामी के माध्यम से भगवत शरणागति करते हैं निश्चय ही उनको भगवान की प्राप्ति होती है

श्रीमद्भागवत की आरती सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के महन्त मटरुमल शर्मा महाराज, धर्मपत्नी शांति देवी,शेखूपुर विधायक धर्मेन्द्र शाक्य,मीडिया प्रभारी राहुल पाठक,भाजपा नेता अरुण प्रकाश,ने आरती उतारी,आरती के बाद कथा को विराम दिया,कल कथा का अंतिम दिवस है,

कथा में बजीरगंज, मढ़ी से सत्यप्रकाश शर्मा,विजेंद्र शर्मा, खटीमा(उतराखंड), बदायूँ,बनारस, गाजियाबाद, कासंगज,चन्दौसी, हापुड़, से श्रद्धालु कथा का रसपान करने आये बदायूँ से प्रदीप शर्मा, ओजित शर्मा, संजीव शर्मा, राजीव शर्मा, यश भारद्वाज ,राजीव शर्मा ,दीपक माहेश्वरी (बाबा ),यश भारद्वाज ,पुष्कीन माहेश्वरी,आचार्य धुर्व ,देव वार्ष्णेय, कुशाग्र माहेश्वरी,, आरोही सोमानी,देवांश सोमानी, शिवकुमार,सनुज माहेश्वरी रंजन माहेश्वरी जितेंद्र वाष्र्णेय ,राजेश माहेश्वरी , स्वतंत्र राठी ,प्रिंस राठी,प्रखर राठी,गुरु माता शांति देवी,मंजुला शर्मा,रीना पाठक,रीनू शर्मा, मनीषा शर्मा, रेखा शर्मा ,कल्पना भारद्वाज ,ममता राठी,सारिका राठी, धरती माहेश्वरी, सरिता माहेश्वरी ,लता,मंजूलता माहेश्वरी,दीपा माहेश्वरी, वेदांस उपाध्याय, माहेश्वरी ,मोहित देवल,देव वार्ष्णेय, मुकेश गुप्ता,प्रवीण वार्ष्णेय, विशाल खासट, राजा बाबू वार्ष्णेय,अनूप माहेश्वरी,दीपू माहेश्वरी , रोहित माहेश्वरी, लालू माहेश्वरी ,देवकीनंदन शास्त्री,टिंकू वाष्र्णेय, आकाश वाष्र्णेय,चारू सोमानी,नरेंद्र गरल,आशीष बशिष्ठ,गिरीश गिरि ,मुनीशगिरि ,सुभाष बाहेती,जय प्रकाश माहेश्वरी ,कपिल माहेश्वरी ,रवि वाष्र्णेय, सोमेन्द्र तोष्णीवाल, हरिओम शर्मा, नीरज तोष्णीवाल ,राजेश माहेश्वरी (गुरु जी) सुवीन माहेश्वरी, चंद्रपाल माहेश्वरी,,सुभाष चन्द्र माहेश्वरी आदि हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे।

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