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उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल उत्तर प्रदेश आया विवादों के घेरे में,बदायूँ जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने लगाये गम्भीर आरोप,करेंगे कानूनी कार्यवाही

बदायूँ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश को जन्म लिये अभी एक साल भी नहीं बीता लेकिन प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल की कार्यशैली से संगठन में विवाद उठने शुरू हो गए हैं,व्यापारियों ने प्रदेश अध्यक्ष पर संस्था को निजी दुकान समझकर कार्य करने के आरोप लगाए हैं कई जिलों में नवनिर्वाचित कमेटी से संबिधान में दर्ज शुल्क से दोगुना पैसे लेकर पद वांटने के आरोप लग रहे हैं ऐसे ही कई विवादित मुद्दों को लेकर बदायूँ के जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने प्रदेश संगठन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सबक सिखाने की बात कही है।श्री गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष संगठन के संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं, इसी कारण से इनको पूर्व व्यापार मण्डल से निष्कासित किया गया था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने नव निर्वाचित बदायूँ कमेटी को बिना हटाये ही नया जिलाध्यक्ष, नियुक्ति कर दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहाकि कि इस फेरबदल का कारण बदायूँ का एक तथा कथित नेता जिसको रुपये लेकर पद बेचने के लिये ही जाना जाता है,गुप्ता का कहना है कि उक्त तथाकथित नेता फ़र्ज़ी पद बनाने, व्यापारिओं को गुमराह कर पद बेचने व व्यापारिक कार्यक्रमों में स्वागत सम्मान कराने के नाम पर पैसे ऐंठने के लिये जाना जाता है,उक्त नेता ने इस व्यापार मंडल में भी प्रदेश सयोंजक नाम से पद धारण किया हुआ है जबकि संस्था के संबिधान में प्रदेश कमेटी या जिला कमेटी इस नाम का कोई पद ही नहीं है, इससे पूर्व के व्यापार मंडल में भी इसी तरह के पद बनाने के कई कारनामे किये थे बताते हैं उस खेल में भी प्रदेश स्तर के एक नेता का वरद हस्त हासिल था,और इस खेल में भी उसी नेता का वरद हस्त हासिल है,पूर्व व्यापार मंडल में कारनामों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इन दोनों की जोड़ी ने मिलकर जिले के एक बरिष्ठ व्यापारी नेता को जिला प्रभारी बना दिया था और बाद में प्रदेश अध्यक्ष बनबारी लाल कंछल ने ऐसे किसी पदनाम का कोई पद उनके यहां होने से इनकार कर दिया था जिसको लेकर उस समय भी इस व्यापारी नेता की काफी फ़ज़ीहत हुई थी,दूसरे मामले में बदायूँ की टेम्पो चलाने वालों को व्यापार मंडल की टेम्पो एसोसिएशन बनाकर पद बांट दिए थे बाद में जिलाध्यक्ष के संज्ञान में आया था कि टेम्पो चालकों को पद देने के नाम पर पैसे ठगे गए थे,ओर बदले में पुलिस उत्पीड़न से बचाने का आश्वासन दिया गया था।जिस पर तत्कालीन जिलाध्यक्ष ने जिलाकार्यकरिणी की बैठक में इस नेता जलील कर टेम्पो एसोसिएशन को व्यापारी मानने से इनकार करते हुए आगे से भविष्य में ऐसा कोई कार्य न करने की चेतावनी दी थी।पूर्व जिलाध्यक्ष ने तो एक बार जिलाकार्यकरिणी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश अध्यक्ष बनबारी लाल कंछल व उस समय के प्रदेश महामंत्री के सामने मंच से ऐसी घोषणा की जिसको सुनकर सभी सन्न रह गए थे उस घोषणा में जिलाध्यक्ष ने सभी व्यापारिओं से अपील की थी कि जिस किसी व्यापारी ने इस कार्यक्रम के नाम पर किसी पदाधिकारी को कोई सहयोग राशि दी हो तो वो उससे इसकी रसीद अवश्य लेलें, बाद में पता चला उक्त तथाकथित व्यापारी नेता ने कई व्यापारिओं को मंच पर बिठाने मंच पर सम्मान कराने व व्यापारी सम्मान के नाम पर पैसे बसूले गए थे जिसकी भनक जिलाध्यक्ष को लग गई थी इस लिये उन्होंने मंच से इस नेता की फजीहत करा दी थी।ऐसे ही तमाम किस्से इस नेता के नाम से दर्ज बताये जाते हैं।इसी तरह के तमाम करनामों के चलते उक्त व्यापारी नेता को राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की कोठियों पर ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका है। अरविंद गुप्ता ने बताया उक्त नेता के इस कृत्य के चलते मैंने अपनी जिलाकार्यकरिणी व नगर कार्यकारिणी में कोर कमेटी बनाकर सभी कार्य कोर कमेटी की जानकारी के बिना करने पर पाबंदी लगा थी जिसके कारण इस नेता के पद बेचने की दुकान बंद हो गई थी।बताया जाता है कि इसी छट पटाहट में प्रदेश अध्यक्ष से आर्थिक समझौता कर जिलाध्यक्ष बन गया लेकिन जल्दबाजी में प्रदेश अध्यक्ष ने संस्था के संबिधान का पालन करना भी उचित नहीं समझा उन्होंने अरविंद गुप्ता कमेटी को बना भंग किये ही नई कमेटी गठित कर दी है जिसके खिलाफ क़ानूनी लड़ाई लड़कर सबक सिखाने की बात कर रहे हैं।बताते हैं कि नई कार्यकारिणी के गठन के समय उक्त तथाकथित नेता 10 व्यापारी भी इकट्ठा न कर सका था। व्यापारियों के नाम पर गाजियाबाद व बरेली के म्यूजिकल ग्रुप के लड़कों को व्यापारी बता कर दर्जनों व्यापारियों को सदस्यता ग्रहण की प्रेस विज्ञप्ति जारी कर संगठन की फ़ज़ीयत करा दी है।जिलाकार्यकरिणी व नगर कार्यकारिणी के गठन के समय केवल 6-7 असली व्यापारिओं की संख्या देख प्रदेश अध्यक्ष भी मायूस नजर आए बताये जा रहे हैं।

जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने व्यापार मंडल पर लगाये अपने आरोपों को सही ठहराने के लिये उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल उत्तर प्रदेश के रजिस्टर्ड संविधान को साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराते हुए अपने लगाए आरोपों को सही ठहराया है। अब यह तो आने वाला बक्त ही बताएगा कि इस कानूनी लड़ाई में जीत किसकी होगी पर इस लड़ाई से साबित होता है कि कुछ व्यापारी अपने निजी स्वार्थों के चलते रोज नए नए व्यापर मण्डलो का गठन कर रहे है ओर इस गठन के माध्यम से कुछ राजनीतिक दलों को अपने संगठन बल दिखाकर एमएलसी,विधायक,सांसद बनने का सपना देखना व पद पुरुस्कार व सम्मान के नाम पर एक मोटा फंड इकट्ठा करना उद्देश्य बनता जा रहा है।बदायूँ की घटना के बाद अगर कानूनी लड़ाई शुरू होती है तो आने वाले समय मे संगठन के लिये यह मुश्किलें खड़ी कर सकता है इस घटना से दूसरे जनपदों में चल रही उठापठक को हवा मिल सकती है,

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