वियतनाम के योग विशेषज्ञ जसवीर कुमार ने सिखाए आसन
स्पोर्ट्स ऑफिसर रविंद्र सिंह बोले, योग से नहीं आते बुरे विचार
एसोसिएट डीन डॉ. मंजुला जैन बोलीं, योग को करें आत्मसात
कॉलेज फिजिकल एजुकेशन में दिन दिनी योग वर्कशॉप का समापन
टीएमयू के रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा ने कहा, योग भारत की ही देन है। योग और व्यायाम में कोई अंतर नहीं है। योग सिर्फ फिजिकल फॉर्म नहीं है, बल्कि योग से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को अच्छा बना सकता है। योग का अर्थ शरीर से मन को जोड़ना है। योग हमें स्वास्थ्य रहना सिखाता है। योग हमारे जीवन की पद्धति है। योग हमारे जीवन शैली में भी शामिल होना चाहिए। हॉलिस्टिक्स डवलपमेंट के लिए योग अत्यंत जरूरी है। हम सभी को योग को योग दिवस के रूप में मनाकर ही सीमित नहीं रखना है, बल्कि योग को अपने जीवन में भी उतारना अत्यंत आवश्यक है। वह तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन की ओर से ऑनलाइन आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग वर्कशॉप में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व हनोई, वियतनाम में तैनात योग विशेषज्ञ श्री जसवीर कुमार ने ऑनलाइन योगासन कराए। उन्होंने हठ योग के साथ-साथ वीरभद्रासन आदि भी कराए। संजय गाँधी स्मृति महाविद्यालय, सिद्धि- मध्यप्रदेश के खेल अधिकारी श्री रविंद्र सिंह ने अपने व्याख्यान में कहा, योग हमारे शरीर को निरोग बनाता है। मन में बुरे विचारों को आने से रोकता है। उन्होंने अष्टांग योग, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम आदि के बारे में विस्तार से बताया। अंत में उन्होंने स्टुडेंट्स के सवालों के जवाब भी दिए।
टीएमयू एसोसिएट डीन डॉ. मंजुला जैन ने वर्कशॉप के समापन मौके पर कहा, योग से हम अपने शारीरिक और मानसिक सेहत को और अच्छा बना सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, जिस प्रकार बीज बोने से पहले मिट्टी को तैयार करते हैं, उसी प्रकार बच्चे के अच्छे भविष्य के लिए उसके जीवन में योग अत्यंत आवश्यक है। योग को केवल योग डे तक ही सीमित नहीं रखिएगा बल्कि योग को आजीवन आत्मसात कीजिएगा। योग से हम अपने अंदर आने वाले निगेटिव थॉट्स को कंट्रोल कर सकते हैं, इसीलिए योग हम सभी के जीवन का अहम हिस्सा होना चाहिए। उल्लेखनीय है, इस तीन दिनी वर्कशॉप का श्रीगणेश टीएमयू के वीसी प्रो. रघुवीर सिंह ने किया था। वर्कशॉप के समापन पर कॉलेज ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन के इंचार्ज श्री मनु मिश्रा, डॉ. योगेंद्र शर्मा, श्री मो. तौहीद अख्तर, श्री यश चंद्र गंगवार आदि मौजूद रहे।


























