आत्मप्रकाश सक्सेना की पुण्यतिथि पर उपस्थित सभी कवियों व शायरों एवं उनके परिवार के सदसयों ने आत्मप्रकाश जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की ।तत्पश्चात उनके द्वारा रचित रचनाओं का संग्रह “प्रकाश को नमन”ग़ज़ल संग्रह पुस्तक का विमोचन किया गया पुस्तक में प्रकाश बदायूनी की ग़ज़लों के अतिरिक्त उनके परिवार के सदस्यों एवं उनके मित्रों द्वारा उन्हें दी गयी श्रद्धांजलि-लेख भी प्रकाशित किये गये हैं। पुस्तक का संपादन सुरेंद्र नाज बदायूनी ने किया है।। पुस्तक का विमोचन डॉ राम बहादुर व्यथित, कवि नरेंद्र गरल, मुजीब शेखूपुरी, गीतांजलि दातागंज, ने संयुक्त रूप में किया।चित्रांश नगर में कवि आत्म प्रकाश सक्सेना की पुण्यतिथि के मौके पर ‘ प्रकाश को नमन’ पुस्तक के विमोचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं समीक्षक डॉ राम बहादुर व्यथित ने की तथा मुख्य अतिथि बिल्सी के वरिष्ठ कवि नरेंद्र गरल जी रहे।




कार्यक्रम का शुभारंभ युवा कवि उज्जवल बशिष्ठ द्वारा सरस्वती वंदना पढ़कर किया गया। षटवदन शंखधार ने कहा आत्मप्रकाश के बेटे नमन जौहरी ने पुस्तक प्रकाशित करवाकर पुत्र धर्म निभाते हुए आत्मप्रकाश जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है । इनके अतिरिक्त मुजीब शेखूपुरी, सुधीर शर्मा जी, ह्दय प्रकाश जौहरी, मनमोहन कृष्ण सक्सेना, अजय श्रीवास्तव, नमन जौहरी, सुरेंद्र नाज, अजीत सुभाषित व उनके परिवार के सदसयों
ईशिका,अर्विशा,रुद्रांश,अवनी,अपेक्षा,अनिरुद्ध,अर्शिका,मही,मन्नत,मानविक,अनन्या,अमायरा,अनाया,आदि ने आत्मप्रकाश जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रमका संचालन युवा कवि अजीत सुभाषित ने किया।
आत्मप्रकाश जी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पद से इटावा से सेवानिवृत्त थे।


























