खास बातें
नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को टीएमयू संकल्पित
अब हम बहुभाषी शिक्षण की ओर बढ़ेंगे : प्रो. द्विवेदी
श्वेतांगना बोलीं, एनईपी से होगा सर्वांगीण विकास
एनईपी-2020 की दस शिक्षाविदों ने बताईं खूबियां
वीडियो के जरिए बताईं टीएमयू की उपलब्धियाँ भी
एस्टीम्ड मेंबर ऑफ़ टीएमयू सोसाइटी श्री अक्षत जैन बोले, नई शिक्षा नीति न केवल आपको क्रिएटिव बनाएगी, बल्कि आपकी इन्नोवेटिव सोच भी विकसित करेगी। आउटकम बेस्ड एजुकेशन के संग-संग लर्निंग के तीन महत्वपूर्ण स्किल्स- कॉग्निटिव -संज्ञानात्मक, अफेक्टिव- भावनात्मक और साइकोमोटर- मनःप्रेरक पर प्रकाश डालते हुए बोले, इसके क्रियान्वयन को जाने-माने मनोवैज्ञानिक बेंजामिन ब्लूम की टैक्सोनोमी को आत्मसात करने की दरकार है। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी ओबीई समेत कॉग्निटिव,अफेक्टिव और साइकोमोटर स्किल्स के प्रति ईमानदारी से समर्पित है। एनईपी को लागू करने के लिए टीचर्स और स्टुडेंट्स के अलावा नॉन-टीचिंग और मैनेजमेंट की भी अहम भूमिका है। वह तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी और ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग साइंसेज- एफओईसीएस की ओर से एलटी-2 में आयोजित दो दिनी एजुकेशन कॉन्क्लेव – 2021 के समापन मौके पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व चीफ गेस्ट श्री अक्षत जैन, एफओईसीएस के निदेशक प्रो. आरके द्विवेदी, विल्सोनिया स्कॉलर्स होम की प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेतांगना संतराम, पारकर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री नेथन, स्प्रिंग फील्ड कॉलेज की प्रधानाचार्या श्रीमती स्वाति, व्हाइट हाल कॉलेज, रामपुर की मिस कृतिका ने माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके एजुकेशन कॉन्क्लेव – 2021 के दूसरे दिन का शुभारम्भ किया। मुख्य अतिथि, मंचासीन मेहमानों और कॉन्क्लेव में आमंत्रित शिक्षावादों को शॉल, स्मृति चिन्ह और बुके देकर स्वागत किया गया। वेलिडैक्टरी सेशन में एफओईसीएस के निदेशक एवं कॉन्क्लेव जनरल चेयर प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने सभी मेहमानों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त करते हुए कहा, हमारी भारतीय शिक्षा प्राचीन काल से ही समृद्ध है। ऐसे में पश्चिमी देशों की शिक्षा प्रणाली से तुलना बिल्कुल बेमानी है। एनईपी को आशा की किरण बताते हुए बोले, अब हम बहुभाषी शिक्षण की ओर बढ़ेंगे ताकि वैश्विक चुनौतियों का सहज सामना कर सकें। संचालन हिमांशु सिंह और श्रुति जैन स्टुडेंट्स ने किया।


मुख्य अतिथि श्री जैन बोले, मानव के चरित्र निर्माण में शिक्षा की अहम भूमिका है। युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद का उद्धरण देते हुए बोले, शिक्षा केवल सूचना मात्र नहीं है, बल्कि शिक्षा के जरिए हमें उन विचारों को आत्मसात करना चाहिए, जिससे मानव निर्माण और चरित्र निर्माण हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई, नई शिक्षा नीति इस दिशा में सार्थक सिद्ध होगी। 18वीं और 19वीं शताब्दी में यूरोपियन देशों से अमेरिका की ओर पलायन करने का जिक्र करते हुए बोले, उस वक्त अक्षर ज्ञान और शिक्षा की बाखूबी व्याख्या हुई, इसीलिए केवल अक्षर ज्ञान से कोई भी व्यक्ति शिक्षित नहीं कहा जा सकता है, जब तक उसका समग्र विकास न हो। स्वामी विवेकानंद के इस कोटेशन से मैं भी प्रेरित हूँ। एनईपी का सार भी यही है। उन्होंने उम्मीद जताई, यह लिटरेसी और एजुकेशन के अंतर को कम करेगी। एनईपी हॉलिस्टिक डवलपमेंट और मल्टीडिसिप्लनरी एजुकेशन पर जोर देती है। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी 2008 से ही इन दोनों महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चल रही है। अब हम सबका परम दायित्व है, इस महत्वकांक्षी शिक्षा नीति को सफल बनाने में ईमानदारी से अपना 100 फीसदी योगदान दें।
विल्सोनिया स्कॉलर्स होम की प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेतांगना संतराम एनईपी की स्ट्रैंथ और चैलेंजेज पर बोलीं, इससे छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास होगा। उनमें रचनात्मकता आएगी। शिक्षा हमें बेहतर मानव के साथ-साथ अच्छा नागरिक भी बनाती है। उन्होंने एनईपी का महत्व बताते हुए कहा, इसकी ड्राफ्टिंग के बाद आम लोगों की बहुमूल्य राय मांगी गई, जिस पर करीब 2.25 लाख से ज्यादा लोगों के सुझावों को शामिल करने के बाद इसे लागू किया गया। अब इसे लागू करना हमारा दायित्व है। इस लक्ष्य प्राप्ति के लिए समर्पित, ज्ञानवान, योग्य और अनुशासित टीचर्स की दरकार है। एनईपी के विज़न पर पीपीटी के जरिए प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा,अर्ली चाइल्ड हुड एजुकेशन के प्रावधान को बेमिसाल बताया। एजुकेशन कॉन्क्लेव के समापन मौके पर पारकर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री नेथन, स्प्रिंग फील्ड कॉलेज की प्रधानाचार्या श्रीमती स्वाति, व्हाइट हाल कॉलेज, रामपुर की मिस कृतिका और अर्शिया, डॉ. सोनिया जयंत, डॉ. पराग अग्रवाल और श्री राघवेंद्र प्रताप सिंह ने एनईपी पर अपने विचार व्यक्त किए। एजुकेशन कॉन्क्लेव के समापन मौके पर नेहा आनंद, श्री अंकित शर्मा, श्री राहुल विश्नोई, डॉ. अजय उपाध्याय, डॉ. विपिन कुमार, श्री प्रशांत कुमार, डॉ. ज़रीन फ़ारूक़, मिस इंदु त्रिपाठी, डॉ. असीम अहमद, श्री प्रदीप कुमार वर्मा, श्री उमेश कुमार सिंह, श्रीमती रंजना शर्मा, डॉ. गुलिस्ता खान, श्रीमती अनु शर्मा, डॉ. मेघा शर्मा, श्री नवनीत विश्नोई-वन, डॉ. शम्भू भारद्वाज, डॉ. अशेंद्र कुमार सक्सेना, डॉ. संदीप वर्मा, श्री मनीष तिवारी, श्री राजेंद्र प्रसाद पांडेय, श्री नवनीत विश्नोई-2, श्री अमित सिंह, डॉ. पवन सिंह, श्री अभिषेक सक्सेना, श्री विक्रम रैना, श्री रूपल गुप्ता, श्री मनोज गुप्ता, श्री निखिल सक्सेना, श्री आरपी सिंह आदि मौजूद रहे। समापन समारोह के प्रारभ्म में टीएमयू की शैक्षिणक उपलब्धियों के साथ-साथ हरियाली से आच्छादित कैम्पस, क्रिकेट स्टेडियम, वातानुकूलित ऑडी, स्पोर्ट्स स्टेडियम, अत्त्याधुनिक लैब्स, तीर्थंकर महावीर कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर आदि के बारे में कॉन्क्लेव कन्वीनर नेहा आनंद ने पीपीटी और वीडियो के जरिए कॉन्क्लेव में आए मेहमानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।


























