होम राज्य उत्तर प्रदेश दुनिया की अजूबी रजा लाइब्रेरी,की पेंटिग में टीएमयू की खुशबू

दुनिया की अजूबी रजा लाइब्रेरी,की पेंटिग में टीएमयू की खुशबू

नई शिक्षा नीति के तहत योगी सरकार के निर्देश पर कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स के छात्रों ने दिखाई गजब की सृजनात्मकता

खास बातें
करीब तीन दर्जन स्टुडेंट्स ने थीम बेस्ड की पेंटिंग और फोटोग्राफी
लैंडस्केप में वाटर, एक्रेलिक कलर्स के संग पेंसिल का इस्तेमाल
रामपुर में नवाबी काल की रजा लाइब्रेरी का ऐतिहासिक महत्व
लाइब्रेरी में साठ हजार से ज्यादा दुर्लभ पांडुलिपियों का संग्रह

योगी सरकार की मंशा है, सूबे के प्रसिद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भवनों को लेकर छात्रों का ज्ञानवर्धन और चिंतन के संग-संग सृजनात्मक क्षमता भी विकसित हो। इसके लिए फाइन आर्ट्स कॉलेज के छात्र-छात्राओं को इन ऐतिहासिक भवनों का न केवल भ्रमण कराया जाए बल्कि पेंटिंग और फोटोग्राफी भी कराई जाए। नई शिक्षा नीति- एनईपी के तहत तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स के करीब तीन दर्जन हुनरमंद छात्र-छात्राओं ने रामपुर की ऐतिहासिक रज़ा लाइब्रेरी का दौरा किया। उन्होंने ब्रश और रंगों से न केवल रज़ा लाइब्रेरी की भव्य इमारत को पेटिंग, लैंडस्केप और स्केचिंग में उकेरा बल्कि अलग-अलग एंगल से फोटोग्राफी भी की।

फाइन आर्ट्स के प्राचार्य श्री रविंद्र देव ने यह जानकारी देते हुए बताया, छात्रों का यह दल फैकल्टी श्री प्रवेश सी वर्मा, श्री अंकुर देव, श्री राजेश कुमार और दीक्षा सिंह के नेतृत्व में रामपुर की रज़ा लाइब्रेरी गया था। पेंटिंग और फोटोग्राफी करने वाले छात्र-छात्राओं में बीएफए के कुमारी प्राची, संगीता सैनी, महिमा चौधरी, अंकिता गंगवार, जितेंद्र सैनी, ज़ैद खान, सचिन कुमार गुप्ता, पंकज वर्मा आदि शामिल हैं। उल्लेखनीय है, रज़ा लाइब्रेरी एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी तो है ही, इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी के खाते में एक और उपलब्थि जुड़ गई है। कनाडा की पत्रिका ने इसे दुनिया की आठवीं आश्चर्यजनक लाइब्रेरी का ख़िताब दिया है। रज़ा लाइब्रेरी में 60 हजार से ज्यादा दुर्लभ पांडुलिपियों का संग्रह है।

दुनिया की अजूबी रजा लाइब्रेरी
की पेंटिग में टीएमयू की खुशबू

नई शिक्षा नीति के तहत योगी सरकार के निर्देश पर कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स के छात्रों ने दिखाई गजब की सृजनात्मकता

खास बातें
करीब तीन दर्जन स्टुडेंट्स ने थीम बेस्ड की पेंटिंग और फोटोग्राफी
लैंडस्केप में वाटर, एक्रेलिक कलर्स के संग पेंसिल का इस्तेमाल
रामपुर में नवाबी काल की रजा लाइब्रेरी का ऐतिहासिक महत्व
लाइब्रेरी में साठ हजार से ज्यादा दुर्लभ पांडुलिपियों का संग्रह

योगी सरकार की मंशा है, सूबे के प्रसिद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भवनों को लेकर छात्रों का ज्ञानवर्धन और चिंतन के संग-संग सृजनात्मक क्षमता भी विकसित हो। इसके लिए फाइन आर्ट्स कॉलेज के छात्र-छात्राओं को इन ऐतिहासिक भवनों का न केवल भ्रमण कराया जाए बल्कि पेंटिंग और फोटोग्राफी भी कराई जाए। नई शिक्षा नीति- एनईपी के तहत तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स के करीब तीन दर्जन हुनरमंद छात्र-छात्राओं ने रामपुर की ऐतिहासिक रज़ा लाइब्रेरी का दौरा किया। उन्होंने ब्रश और रंगों से न केवल रज़ा लाइब्रेरी की भव्य इमारत को पेटिंग, लैंडस्केप और स्केचिंग में उकेरा बल्कि अलग-अलग एंगल से फोटोग्राफी भी की। फाइन आर्ट्स के प्राचार्य श्री रविंद्र देव ने यह जानकारी देते हुए बताया, छात्रों का यह दल फैकल्टी श्री प्रवेश सी वर्मा, श्री अंकुर देव, श्री राजेश कुमार और दीक्षा सिंह के नेतृत्व में रामपुर की रज़ा लाइब्रेरी गया था। पेंटिंग और फोटोग्राफी करने वाले छात्र-छात्राओं में बीएफए के कुमारी प्राची, संगीता सैनी, महिमा चौधरी, अंकिता गंगवार, जितेंद्र सैनी, ज़ैद खान, सचिन कुमार गुप्ता, पंकज वर्मा आदि शामिल हैं। उल्लेखनीय है, रज़ा लाइब्रेरी एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी तो है ही, इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी के खाते में एक और उपलब्थि जुड़ गई है। कनाडा की पत्रिका ने इसे दुनिया की आठवीं आश्चर्यजनक लाइब्रेरी का ख़िताब दिया है। रज़ा लाइब्रेरी में 60 हजार से ज्यादा दुर्लभ पांडुलिपियों का संग्रह है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here