बिल्सी (बदायूँ)श्री बालाजी धाम बिल्सी के तत्वाधान में ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस के अवसर पर पुष्कर पीठाधीश्वर जगद्गुरू श्री रामानुजाचार्य, स्वामी रामचन्द्राचार्य ने कथा सुनाते हुए भगवान की बाललीलाओं का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने भगवान के नामकरण का वर्णन किया बृजवासी बड़े भाग्यशाली हैं उनके भाग्य की प्रशंसा स्वयं ब्रह्मा जी करते हैं संसार में जीव को श्रेष्ठ आचार्य द्वारा भगवान का नाम रूपी मंत्र प्राप्त होता है उसी नाम जप से भगवान की प्राप्ति जीव करता है ब्रज वासियों को पहले भगवान की प्राप्ति हो गई उसके बाद गर्गाचार्य जी ने भगवान का नामकरण करके ब्रजवासियों को भगवन्नाम की दीक्षा प्रदान की।
रामचन्द्राचार्य ने कहा कि ज्ञान के बिना भक्ति केबल भावुकता युक्त अल्पकालिक होती है परंतु ज्ञान से युक्त भक्ति दीर्घकालिक और कल्याणकारी होती है भक्ति में ज्ञान अनिवार्य है भगवान के द्वारा शक्टासुर का उद्धार और छ महीने की अवस्था में तृणावर्त का उद्धार किया भगवान मे सब है एक भक्त की दृष्टि है, और सब मे भगवान है यह ज्ञान एक दूसरे के पूरक हैं । मृदभक्षण लीला के माध्यम से भगवान ने मैया यशोदा को ए दृष्टि प्रदान की जीव का सत्य बहुत छोटा होता है सत्यनारायण तो भगवान ही है भगवान को असत्य स्पर्श भी नहीं कर सकता बृह्मा के सत्य में और जीव के सत्य में अन्तर होता हैं
भागवत की आरती सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के महन्त मटरुमल शर्मा महाराज,गुरुमाता शांति देवी ने की आरती के पश्चात कथा को विराम दिया
कथा में बिसौली, चन्दौसी बजीरगज मथुरा,गाजियाबाद, दादरी,कछला,बदायूँ से श्रद्धालु कथा का रसपान करने आये बदायूँ से प्रदीप शर्मा, ओजित शर्मा, संजीव शर्मा, राजीव शर्मा, यश भारद्वाज ,राजीव शर्मा ,दीपक बाबा ,पुष्कीन माहेश्वरी,देव वार्ष्णेय, कुशाग्र माहेश्वरी,, आरोही सोमानी,देवांश सोमानी, शिवकुमार,सनुज माहेश्वरी रंजनमाहेश्वरी जितेंद्र वाष्र्णेय ,राजेश माहेश्वरी , स्वतंत्र राठी ,प्रिंस राठी,संदीप मिश्रा, श्री कांत मिश्रा बहेडी ,शांति देवी,मंजुला शर्मा,रीनू शर्मा, मनीषाशर्मा, रेखा शर्मा ,कल्पना भारद्वाज ,ममता राठी,सारिका राठी, धरती माहेश्वरी, सरिता माहेश्वरी ,लता माहेश्वरी ,मोहित देवल,देव वार्ष्णेय, मुकेश गुप्ता,प्रवीण वार्ष्णेय, विशाल खाशट, राजा बाबू वार्ष्णेय,अनूप माहेश्वरी, रोहित माहेश्वरी, लालू माहेश्वरी ,,टिंकू वाष्र्णेय, आकाश वाष्र्णेय,चारू सोमानी,नरेंद्र गरल,आशीष बशिष्ठ,गिरीश गिरि ,मुनीशगिरि ,सुभाष बाहेती,जय प्रकाश माहेश्वरी ,कपिल माहेश्वरी ,रवि वाष्र्णेय, सोमेन्द्र तोष्णीवाल, हरिओम शर्मा, नीरज तोष्णीवाल ,अमरीषअसावा,राजेश माहेश्वरी (गुरु जी) सुवीन माहेश्वरी, हरिश्व्वर राठी,चंद्रपाल माहेश्वरी,भुवनेश्वर राठी ,सुभाष चन्द्र माहेश्वरी आदि हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे।






























