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सच्चे प्रेम से प्राप्त होते हैं भगवान : ओमकारानंद सरस्वती

  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित सत्संग का पंचम दिवस

महोली (सीतापुर)। सच्चे प्रेम से भगवान की प्राप्ति होती है। यह बात कठिना तट स्थित श्रीराधाकृष्ण धाम प्रज्ञानं सत्संग आश्रम में आयोजित सत्संग के पांचवें दिन स्वामी ओमकारानंद सरस्वती जी ने कही।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में सात दिवसीय आयोजन के पांचवें दिन श्रीमद्भागवत महापुराण पर चर्चा करते हुए महानिर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती के कृपा पात्र शिष्य स्वामी ओमकारानंद सरस्वती ने कहा कि गोपियां भगवान से प्रेम करती थीं। वह भगवान के ध्यान और प्रेम में मगन रहती थीं। स्वामी जी ने कहा कि मन में अनेक प्रकार की वृत्तियां होती हैं भगवान की कृपा से यह शांत होती हैं। उन्होंने कहा कि वासनाओं को समाप्त कर भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर हरिद्वार से आए सर्वेशानंद सरस्वती जी, राजकुमार तिवारी, माधव श्याम अवस्थी, सिद्धिगोपाल मिश्र, तुरीय चैतन्य, ब्रह्मचारी राकेश जी, आचार्य शिवम राज योगी, पं. राम गोपाल तिवारी, हनुमान दीक्षित, विशंभर दयाल त्रिवेदी, शिखर मिश्रा, साधना श्रीवास्तव, सजनी टंडन, कविता गुप्ता, अपर्णा मिश्रा आदि भक्त मौजूद रहे।

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