- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित सत्संग का दूसरा दिन
महोली (सीतापुर)। शरण में आने वाले भक्त की भगवान रक्षा करते हैं। यह बात कठिना तट स्थित श्रीराधाकृष्ण धाम प्रज्ञानं सत्संग आश्रम में आयोजित सत्संग के दूसरे दिन स्वामी ओमकारानंद सरस्वती जी ने कही।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में सात दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन श्रीमद्भागवत महापुराण पर चर्चा करते हुए महानिर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती के कृपा पात्र शिष्य स्वामी ओमकारानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान की कथा और भगवान की लीला अपने हृदय में धारण करने से शांति मिलती है। स्वामी जी ने कहा कि सभी संकटों से रक्षा करने वाले परमात्मा हैं। उन्होंने बताया कि उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु को मारने के लिए जब अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र चलाया, तब उत्तरा ने भगवान की शरण लेते हुए रक्षा करने की याचना की। भगवान ने शीघ्र याचना स्वीकार कर उसके गर्भ की रक्षा की। अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर आश्रम समिति के संरक्षक डाॅ. रामजीदास टंडन, अध्यक्ष अवधेश वर्मा, तुरी चैतन्य, आचार्य शिवम राज योगी, पं. राम गोपाल तिवारी, सरदार ब्रजलाल सिंह, सिद्धिगोपाल मिश्र, भगवती दीक्षित, राम प्रकाश त्रिवेदी, बाबू त्रिवेदी, डाॅ. रेनू वर्मा, अपर्णा मिश्रा, सजनी टंडन, सरिता गुप्ता आदि श्रृद्धालु मौजूद रहे।


























