तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन में कक्षा में विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों का समावेश पर ऑनलाइन अतिथि व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता अमर ज्योति स्कूल एण्ड रीहेबिटेशनल सेन्टर, ग्वालियर के प्राचार्य डाॅ. सतीश चन्द्र ने पीपीटी के माध्यम से विशिष्ट बालकों को पहचानना, कक्षा में उनका समायोजन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में उल्लेखित समावेशी शिक्षा के प्रावधानों को विस्तार से बताया। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक समावेशी शिक्षा का प्रावधान है, उसमें सभी प्रकार के बच्चे के एकीकरण के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही गई है। उन्होंने इस प्रकार की शिक्षा में अपने आने वाली चुनौतियों का विस्तार से वर्णन करते हुए इनके प्रभावी समाधान पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी शिक्षकों को समेकित शिक्षा देते समय अपने छात्रों को पहचानना, उसकी विविधताओं का सम्मान करना, सीखने के लिए स्वतंत्र वातावरण प्रदान करना और उसकी आवश्यकताओं के अनुसार सीखने के समान अवसर प्रदान करने पर भी बल दिया। उन्होंने कक्षा में कन्टीन्यूस लर्निंग इन्वायरमेंट बनाने की आवश्यकता को बताते हुए यह भी कहा, इस तरह के वातावरण में शिक्षार्थी एक दूसरे का सहयोग करते हुए आसानी से सीखता है। इससे पूर्व कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रश्मि मेहरोत्रा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। गेस्ट लेक्चर के दौरान सवाल-जवाब भी हुए। संचालन सुमित गंगवार ने किया।
छात्र कल्याण निदेशक प्रो. एमपी सिंह ने कहा, संतुलित समाज का निर्माण तभी सम्भव है, जब उस समाज के सभी लोग शिक्षित हों। सभी प्रकार के विद्यार्थियों को सीखने के समान अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया, प्रत्येक वर्ष शिक्षा संकाय में ऑटिज्म पर कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रश्मि मेहरोत्रा ने कहा, शिक्षा के समावेशीकरण से तात्पर्य यह है कि शैक्षिक आवश्यकताओं के लिए एक सामान्य एवं एक दिव्यांग छात्र को शिक्षा प्राप्ति के समान अवसर मिलने चाहिए। विशिष्ट आवश्यकताओं वाले शिक्षार्थियों को शिक्षा देने से कक्षा में विविधताओं और चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है। सामान्य वातावरण में सामान्य विद्यार्थियों के साथ सीखने से उनका विकास तीव्र गति से होता है। गेस्ट लेक्चर में कुंथुनाथ कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के प्राचार्य डाॅ. विनोद जैन, एआर श्री दीपक मलिक, नाहीद बी, मोहिता वर्मा, दीपक सैनी सहित सभी प्रोग्राम्स के विभागाध्यक्ष और समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे।


























