









ग्राम समाज की खलिहान भूमि पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर शुरू हुआ विवाद शाम तक हिंसक झड़प में बदला, पुलिस के साथ एंबुलेंस पर भी पथराव; करीब एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त होने की सूचना
फैजगंज बेहटा/बदायूं। बदायूं जनपद के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते बड़े बवाल में बदल गया। ग्राम समाज की खलिहान की भूमि पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तनातनी के बाद मामला इतना बिगड़ा कि भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव कर दिया। करीब आधे घंटे तक चले पथराव में पुलिस-प्रशासन के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएम अवनीश कुमार राय और एसएसपी अंकिता शर्मा भी मौके पर पहुंच गए हैं और अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है । देर शाम तक गांव और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है । पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
सुबह प्रतिमा स्थापित करने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार राजा की सीकरी गांव में मंगलवार तड़के ग्राम समाज की भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की गई थी। प्रशासन के अनुसार जिस भूमि पर प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया गया, वह राजस्व अभिलेखों में खलिहान की भूमि दर्ज है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रतिमा स्थापना रोकने का प्रयास किया। इसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां रखी प्रतिमा को गिरा दिया, जिससे उसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस आरोप को लेकर ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि तत्काल नहीं हुई थी।
घंटों समझाने के बाद भी नहीं बनी बात
मामला बढ़ने की सूचना पर एसपी ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया, एसडीएम, सीओ सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फैजगंज बेहटा के अलावा आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और बिना सक्षम अनुमति सरकारी भूमि पर प्रतिमा स्थापित नहीं करने की बात समझाने का प्रयास किया, लेकिन कई घंटे तक तनाव बना रहा।
दोपहर तक बातचीत और समझाने का दौर चलता रहा, लेकिन शाम होते-होते स्थिति अचानक बिगड़ गई और भीड़ की ओर से पुलिस पर पथराव शुरू हो गया।
पथराव में पुलिस-प्रशासन के करीब एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त
पथराव इतना तेज था कि मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को बचने के लिए पीछे हटना पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक एसडीएम, सीओ, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की गाड़ियों सहित करीब एक दर्जन सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें पीएसी का ट्रक, दमकल वाहन और कई थानों के पुलिस वाहनों के शीशे टूटने की सूचना है। दो निजी एंबुलेंस भी पथराव की चपेट में आने की बात सामने आई है।
पथराव के दौरान कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। एसडीएम के पैर और उनके अर्दली के हाथ में भी चोट लगने की जानकारी सामने आई है। वहीं मौके पर मौजूद आसफपुर के अधिवक्ता प्रदीप कुमार के सिर में पत्थर लगने से वह घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बारिश के बीच भी गांव में जमा रही भीड़
मंगलवार को बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग गांव में जुटे रहे। स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस-प्रशासन को लगातार निगरानी करनी पड़ी। देर शाम तक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और हालात पर नजर रखी।
डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
बवाल की सूचना मिलने के बाद डीएम अवनीश कुमार राय और एसएसपी अंकिता शर्मा स्वयं मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने या सरकारी भूमि पर बिना अनुमति किसी प्रकार की गतिविधि करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि माहौल खराब करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गांव में लगातार निगरानी कर रही है।
किस वजह से इतना बढ़ा विवाद?
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सरकारी/ग्राम समाज की भूमि पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने के प्रयास से हुई। इसके बाद प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के आरोप ने विवाद को और भड़का दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दी जाए, जबकि प्रशासन का कहना था कि सरकारी भूमि पर बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकती।
स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। इसलिए प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने और पथराव की पूरी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
फैजगंज बेहटा में तनाव के बीच पुलिस अलर्ट
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र बिसौली विधानसभा क्षेत्र में आता है और यह बदायूं-चंदौसी मार्ग के महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों में माना जाता है। ऐसे में यहां हुए बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में भी पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और क्षतिग्रस्त वाहनों तथा घायल पुलिसकर्मियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
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