बिल्सी ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत रिसौली में रविवार को प्रशासनिक गतिविधियों का खासा उत्साह देखने को मिला, जब मसूरी (उत्तराखंड) स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) से आए 6 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने गांव का विस्तृत निरीक्षण किया।
प्रशिक्षु आईएएस—मुकुल गाबा, नम्रता जैफ, आयुष, राहुल कोकाटे, निखिल शर्मा सहित टीम ने ग्राम पंचायत में पहुँचकर ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की।
स्वच्छता अभियान में श्रमदान कर दिया मजबूत संदेश
गांव पहुंचते ही प्रशिक्षु अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर श्रमदान किया। उन्होंने सड़क किनारे जमा कूड़ा हटाया, सार्वजनिक स्थानों की सफाई की और लोगों को स्वच्छता की आदत अपनाने के लिए प्रेरित किया।
महिला सशक्तिकरण और शिक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
अधिकारियों ने महिलाओं, छात्राओं और शिक्षिकाओं से बातचीत कर, महिला सशक्तिकरण,बालिकाओं की शिक्षा, स्वरोजगार से जुड़े योजनाओं, नारी सुरक्षा व अधिकारों,पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक रहने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत की जांच
प्रशिक्षु अधिकारियों ने ग्रामीणों से पूछा कि उन्हें किन-किन योजनाओं का लाभ मिल रहा है और किस स्तर पर समस्याएँ आ रही हैं।
उन्होंने विशेष रूप से इन योजनाओं की जांच की,-प्रधानमंत्री आवास योजना-मनरेगा-स्वच्छ भारत मिशन-राशन वितरण-वृद्धा और विधवा पेंशन-शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएँ, ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएँ बेझिझक रखीं, जिनमें पेयजल, सड़क, बिजली और रोजगार से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
आंगनबाड़ी, विद्यालय और पंचायत भवन का निरीक्षण
टीम ने इन संस्थानों का भी गहन निरीक्षण किया—
— आंगनबाड़ी केंद्र: पोषण आहार, बच्चों की उपस्थिति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति
— प्राथमिक विद्यालय: शिक्षण व्यवस्था, छात्र उपस्थिति, मध्याह्न भोजन
— पंचायत भवन व ग्राम सचिवालय: अभिलेख, योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट, कार्य निष्पादन, अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव से विकास कार्यों की स्थिति, खर्च और योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की।
“योजनाओं का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना”—प्रशिक्षु आईएएस
निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने कहा कि सरकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की समस्याएँ उच्च स्तर तक पहुंचाई जाएंगी।
ग्रामीणों ने रखा दर्द, अधिकारियों ने सुनी समस्याएँ
गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने सड़क मरम्मत, बिजली कटौती, जल निकासी, राशन कार्ड, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे।
विकास के प्रति उत्साह, ग्रामीणों में जागरूकता आई
अधिकारियों की इस पहल से गांव में उत्साह का माहौल रहा। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर अधिकारियों के साथ संवाद में शामिल हुए और योजनाओं के बारे में नई जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक के अधिकारी, ग्राम प्रधान, सचिव और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।


























