
बिल्सी। नगर का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम एक बार फिर भव्य धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। बालाजी धाम के सौजन्य से 11 सितंबर, गुरुवार से श्रीमद् भागवत कथा महापुराण का शुभारंभ होने जा रहा है। आयोजन को लेकर बालाजी धाम परिसर और नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल है।
धाम के महंत श्री मटरूमल शर्मा (महाराज) ने बताया कि कथा से पूर्व परंपरानुसार भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में 108 पीतवस्त्र धारी महिलाएँ मंगल गीत गाती हुई भाग लेंगी। कलश यात्रा बालाजी धाम से बैंड-बाजों के साथ प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई कथा स्थल ज्वाला प्रसाद जैन इंटर कॉलेज तक पहुंचेगी।
कथा का शुभारंभ और प्रवचन
श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन अपराह्न 1:30 बजे से होगी, जिसे श्री रामचंद्राचार्य महाराज पीठाधीश्वर अपने श्रीमुख से सुनाएँगे। भक्तों का मानना है कि इस कथा से नगर में आध्यात्मिक वातावरण बनेगा और समाज में भक्ति, सद्भावना और आस्था की धारा प्रवाहित होगी।
बाबा के डोले का सिंहासन होगा विशेष आकर्षण
इस वर्ष कथा का विशेष आकर्षण बाबा के डोले का सिंहासन रहेगा। डोला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे बालाजी धाम से हरि नाम संकीर्तन मंडल इस्कॉन मंदिर वृंदावन के साथ हरे राम–हरे कृष्णा की गूंज के बीच अटल चौक होते हुए कथा स्थल तक पहुँचेगा। इसके लिए विशेष रूप से उड़ीसा के कारीगरों द्वारा तैयार बग्गी मंगाई जा रही है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी।
तैयारियों का जायजा
कथा को सफल बनाने के लिए बालाजी धाम के महंत जी ने व्यापक स्तर पर तैयारी की है। कथा स्थल को सजाने, श्रद्धालुओं के बैठने और प्रसाद वितरण की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्थानीय भक्त और सेवकजन तन-मन से दिनरात सहयोग कर रहे हैं।
नगर के श्रद्धालुओं का कहना है कि सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम में हर वर्ष होने वाली भागवत कथा ने बिल्सी को धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दी है। इस बार भी नगरवासियों को भक्ति रस से सराबोर होने का अवसर मिलेगा।














