बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव पहाड़पुर स्थित अस्थाई गौशाला में रविवार को दो गोवंशीय पशुओं की मौत से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी तुरंत अपर जिलाधिकारी (एडीएम) डॉ. वैभव शर्मा को फोन पर दी। सूचना मिलते ही एडीएम ने गंभीरता दिखाते हुए मुख्य पशुधन अधिकारी (CVO) डॉ. समदर्शी सरोज को टीम के साथ मौके पर भेजा तथा तहसीलदार प्रभा सिंह और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को भी तत्काल बुलाया।
निरीक्षण के दौरान गौशाला में दो मृत गोवंश पाए गए। एडीएम के निर्देश पर दोनों पशुओं का पोस्टमार्टम कराया गया जिसमें मौत का कारण कुपोषण सामने आया। वहीं गौशाला में मौजूद अन्य कई गोवंश भी कमजोर और कुपोषित हालत में मिले।
मुख्य पशुधन अधिकारी डॉ. समदर्शी सरोज ने बताया कि इस अस्थाई गौशाला में करीब 50 गोवंशीय पशु रखे गए हैं। प्रति पशु प्रतिदिन ₹50 चारे के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे उन्हें हरा चारा, भूसा और गुड़ खिलाया जाना चाहिए। लेकिन जांच में सामने आया कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था, जिससे पशु कमजोर और कुपोषित हो गए।
गौशाला की देखरेख की जिम्मेदारी प्रधान नीतू सिंह और सचिव कुंवरपाल सिंह पर है। सीवीओ ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई न की होती तो हालात और बिगड़ सकते थे। एडीएम की तत्परता से यह स्पष्ट संदेश गया है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी। ग्रामीणों का मानना है कि अगर इसी तरह निचले स्तर पर निगरानी और कार्रवाई होती रही तो गौशालाओं की दशा सुधर सकती है और गोवंशों की जान बचाई जा सकती है।
उधर, इस घटना पर सवाल यह भी उठे कि ब्लॉक स्तर से कोई अधिकारी निरीक्षण करने क्यों नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने मांग की है कि गौशालाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।













