प्रदीप कुमार शर्मा के साथ तहसील व्यूरो प्रभारी ललित मोहन वार्ष्णेय की रिपोर्ट,





बहजोई (संभल) संभल जनपद के बहजोई कस्बे के ढीमर वाली स्थित प्रसिद्ध पातालेश्वर महादेव मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी अत्यंत समृद्ध और प्रेरणादायक है। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और एक सौ से अधिक वर्षों का इतिहास इस मंदिर को विशिष्ट बनाता है।
ऐसे हुई थी मंदिर स्थापना – एक स्वप्न से जागी भक्ति की लौ
प्राचीन काल से शिवभक्त रहे जमींदार साहू भिखारीदास को एक रात्रि भगवान शिव ने स्वप्न में दर्शन देकर कहा कि—
“मेरे लिंग पर मवेशियों का चारा काटने वाले अपने धारदार औज़ारों को तेज करते हैं, जिससे मुझे असहनीय पीड़ा होती है। और तुम आराम से सो रहे हो…“
इस चेतावनी पर उन्होंने शुरू में ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद उन्हें शारीरिक और आर्थिक कष्टों का सामना करना पड़ा। कुछ ही दिनों बाद पुनः शिवजी ने उन्हें स्वप्न में आदेश दिया कि—
“मेरे मंदिर का निर्माण करवाओ, तुम्हारे सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।“
इस अलौकिक अनुभव से प्रेरित होकर 7 सितंबर 1902 (संवत 1959) को जमींदार साहू भिखारीदास ने मंदिर की नींव रखी और जल्द ही इसका भव्य निर्माण करवाया। शिव की कृपा से उनके समस्त कष्ट धीरे-धीरे समाप्त हो गए।
मंदिर में आज भी मौजूद हैं प्राचीन निशान
बताया जाता है कि शिवलिंग पर आज भी वे चिह्न मौजूद हैं, जिनके बारे में भगवान शिव ने स्वप्न में जिक्र किया था। श्रद्धालु इन निशानों को देख भाव-विभोर हो जाते हैं।
भीषण अग्निकांड के बाद फिर हुआ मंदिर का पुनरुद्धार
वर्ष 2021 की महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मंदिर परिसर में भीषण आग लग गई, जिससे मंदिर को काफी क्षति पहुँची। हालांकि, उसी वर्ष अप्रैल माह में साहू भिखारीदास के परनाती साहू देवचंद के पुत्र साहू गिरीश चंद्र ने मंदिर का संपूर्ण जीर्णोद्धार कराकर इसे फिर से भव्य स्वरूप प्रदान किया।
सावन व महाशिवरात्रि पर उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब
सावन के पवित्र महीने में तथा विशेष रूप से महाशिवरात्रि पर यहां दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। भक्तजन शिवलिंग पर जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते हैं।यहां पर ऐसी मान्यता है कि मंदिर में झाड़ू चढ़ाने से चर्म रोग सही हो जाते हैं।
पातालेश्वर मंदिर न केवल बहजोई की धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह मंदिर एक ऐसे विश्वास की कहानी कहता है, जहाँ आस्था और चमत्कार इतिहास रचे जाते हैं।


























