



उघैती/बिसौली (बदायूं)। भाजपा के प्रचार-प्रसार से नाराज दबंगों ने उघैती क्षेत्र के गदगांव गांव में बिसौली क्षेत्र के सिद्धपुर कैथोली निवासी भाजपा बूथ अध्यक्ष चेतेंद्र कुमार पुत्र मुलायम सिंह के साथ सरेआम सड़क पर मारपीट कर दी। यह पूरी घटना न केवल कैमरे में कैद हुई बल्कि शनिवार को वीडियो वायरल होते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
घटना की गंभीरता और वीडियो के साक्ष्यों के बावजूद पुलिस की लचर कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जगह केवल शांतिभंग में चालान कर मामला दबा दिया गया, जिससे यह प्रतीत होता है कि पुलिस पर किसी प्रकार का दबाव हो सकता है। पीड़ित ने आहत होकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है मामला?
21 जून को चेतेंद्र कुमार गांव में भाजपा की बैठक के बाद पास के गदगांव गांव में एक सैलून पर बाल कटाने गए थे। उसी दौरान गांव के ही दबंग भूरे, ब्रजपाल और सुनील वहां पहुंचे और पहले उन्हें गालियां दीं। विरोध करने पर तीनों ने मिलकर चेतेंद्र को दुकान से बाहर खींच लिया, सड़क पर गिराकर लात-घूंसे और डंडों से पीटा।
इतना ही नहीं, उनका गला दबाकर हत्या का प्रयास किया गया, उन्हें काफी दूर तक घसीटा गया। उनका मोबाइल और पर्स भी छीन लिया गया।
वीडियो बना और वायरल हुआ, पर पुलिस का रवैया ढीला
इस बर्बर हमले का वीडियो मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बना लिया, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि चेतेंद्र को डंडों से पीटा जा रहा है और एक आरोपी उनका गला दबा रहा है। एक बुजुर्ग ने डंडा छीनने का प्रयास किया लेकिन आरोपियों ने मारपीट जारी रखी।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया, लेकिन पुलिस ने इसे महज एक आपसी रंजिश बताते हुए पुरानी होली की घटना से जोड़कर गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने के बजाय शांतिभंग में मामला दर्ज कर दिया।
पीड़ित परिवार की आपबीती
पीड़ित के भाई गजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी काफी समय से उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं। 17 जून को फतेहपुर की साप्ताहिक बाजार में चेतेंद्र के बेटे और जीतपाल को भी पीटा गया था। इसके बाद घर पर भी महिलाओं और परिजनों को लाठी-डंडों से पीटकर घायल किया गया।
पुलिस का बयान
बिसौली कोतवाली के इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद है, जिसकी रिपोर्ट पहले से दर्ज है। वीडियो का संज्ञान लिया गया है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जनता और राजनैतिक हलकों में नाराजगी
स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर नाराजगी है कि स्पष्ट वीडियो सबूतों के बावजूद आरोपियों को कठोर धाराओं में नामजद नहीं किया गया। इससे पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने इस मामले को मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कर सीएम योगी आदित्यनाथ से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर दोषियों को सख्त सजा न मिली, तो यह घटनाएं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए खतरा बन सकती हैं।
अब बड़ा सवाल ये है:
जब गला दबाने, सड़क पर घसीटने, मोबाइल-पर्स छीनने और जानलेवा हमले जैसी गंभीर वारदात का वीडियो सामने है, फिर भी क्यों नहीं दर्ज की गई IPC की गंभीर धाराएं? क्या पुलिस पर दबाव है या राजनीतिक हस्तक्षेप?
जनता और संगठन की निगाहें अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर हैं, जिनसे उम्मीद है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।


























