










बदायूं। शहर के हृदय स्थल गांधी ग्राउंड में लगी प्रदर्शनी में सोमवार सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई जब आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरी प्रदर्शनी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग सुबह करीब 9 बजे लगी और चंद मिनटों में करीब 20 दुकानें जलकर खाक हो गईं। इस दौरान वहां रखे 8 एलपीजी सिलेंडरों में धमाके हुए, जिनकी आवाज़ से पूरा क्षेत्र दहल उठा। धमाकों से लोगों में भगदड़ मच गई, लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
धू-धू कर जलीं दुकानें, लाखों का माल खाक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग सबसे पहले एक फास्ट फूड की दुकान में लगी। वहां मौजूद छोटे गैस सिलेंडरों में एक के बाद एक चार सिलेंडर फट गए, जिससे आग और भड़क गई। कुछ ही पलों में आग ने आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में रखे कपड़े, खिलौने, फर्नीचर और खाने-पीने का सामान जलकर राख हो गया।
दमकल की 4 गाड़ियों ने पाया काबू
सूचना पर पहली फायर ब्रिगेड की टीम 15 मिनट बाद मौके पर पहुंची, जिसके बाद कुल 4 फायर टेंडर ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। तेज हवा और गैस सिलेंडरों के धमाकों के कारण आग पर नियंत्रण पाना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। एडीएम प्रशासन अरुण कुमार, एसडीएम सदर मोहित सिंह, एसडीएम न्यायिक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) और तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराए। अधिकारियों ने घटना स्थल का मुआयना किया और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू की।
60 साल पुरानी परंपरा पर संकट
गौरतलब है कि गांधी ग्राउंड में गर्मियों की छुट्टियों के दौरान हर वर्ष नगर पालिका परिषद बदायूं की ओर से प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। यह परंपरा पिछले पचास से साठ वर्षों से चली आ रही है। इस मेले में बदायूं समेत आसपास के जनपदों से व्यापारी शामिल होते हैं। लोगों के मनोरंजन और बच्चों के लिए झूले, खिलौने, खाने-पीने के स्टॉल लगाए जाते हैं।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग की आशंका
प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना जताई गई है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि फायर विभाग और नगर पालिका की संयुक्त जांच टीम ही आग के वास्तविक कारण की पुष्टि करेगी।
व्यापारियों का भारी नुकसान
इस घटना से सबसे अधिक प्रभावित स्थानीय व्यापारी हुए हैं, जिनकी दुकानों में रखा लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। दुकानदारों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। नगर पालिका और प्रशासन द्वारा मदद का आश्वासन दिया गया है।


























