उझानी (बदायूं)। कांशीराम आवास में रह रही एक महिला ने भाजपा नेत्री समेत कुछ लोगों पर जबरन मकान से निकालने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि उसने रुपये देकर आवास लिया था, लेकिन अब उसे जबरदस्ती बेदखल कर दिया गया है, जिससे वह खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।


मकान दिलाने के नाम पर ली गई बड़ी रकम
पीड़ित महिला गीता उर्फ नीरज ने आरोप लगाया कि वह बेहद गरीब और बेघर है। करीब दो साल पहले भाजपा नेत्री रानी पुण्डीर ने उसे रहने के लिए कांशीराम आवास दिलाने का भरोसा दिलाया और 35,000 रुपये नूरबानों नाम की महिला को देने के लिए कहा। इसके अलावा, आवास अपने नाम कराने के लिए रानी पुण्डीर ने 25,000 रुपये और ले लिए। महिला का कहना है कि उसने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर पूरी रकम दी और पिछले दो वर्षों से वहां रह रही थी।
दबंगों ने धमकाकर घर से निकाला
महिला के अनुसार, 15 दिसंबर 2024 को नूरबानों, सलमा, कादर और फरहान जबरन उसके घर आए, गाली-गलौज की और धमकी दी कि उन्होंने रानी पुण्डीर को 50,000 रुपये दे दिए हैं, अब वे ही इस मकान में रहेंगे। इसके बाद 18 फरवरी 2025 को जब महिला ने रानी पुण्डीर से शिकायत की तो उसने गालियां देकर भगा दिया और थप्पड़ भी मारे।
पुलिस पर भी लगाया गंभीर आरोप
पीड़िता का कहना है कि उसने जब पुलिस से शिकायत की तो उसे समझा-बुझाकर धोखे से अंगूठे का निशान ले लिया गया और अपने हिसाब से रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेज दी गई। आरोप है कि रानी पुण्डीर ने भी जबरन किसी कागज पर महिला से अंगूठा लगवा लिया और उसके मकान के ताले पर लोहे की जंजीर डालकर नूरबानों का ताला लगवा दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की न्याय की मांग
महिला का कहना है कि वह इस समय खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर उसे न्याय दिलाया जाए और जान-माल की सुरक्षा प्रदान की जाए।


























