संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में शुक्रवार को नमाज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। मस्जिद को लेकर उठे विवाद के बाद पुलिस-प्रशासन ने इलाके में सख्त निगरानी बरती। मस्जिद के आसपास BNS की धारा 163 लागू कर दी गई और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरे क्षेत्र में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया।


मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला उस याचिका के बाद चर्चा में आया जिसमें दावा किया गया कि मुगलकालीन जामा मस्जिद का निर्माण एक प्राचीन हरिहर मंदिर को आंशिक रूप से ध्वस्त करके किया गया था। याचिका में ऐतिहासिक ग्रंथों “बाबरनामा” और “आईन-ए-अकबरी” का उल्लेख करते हुए दावा किया गया कि यह स्थल एक प्राचीन हिंदू मंदिर का है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थानीय अदालत ने मंगलवार को मस्जिद का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया। अदालत द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की देखरेख में सर्वे का कार्य संपन्न हुआ। अब मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी, जिसमें सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कड़ी सुरक्षा और प्रशासन की सतर्कता
सर्वे के बाद मस्जिद के आसपास विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शुक्रवार को नमाज के दौरान इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। जिले के आला अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे।
संभल के एसपी चक्रेश मिश्रा ने बताया, “इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हम हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।”
स्थानीय प्रतिक्रिया और विवाद का असर
मामले को लेकर स्थानीय हिंदू और मुस्लिम समुदाय में अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
- हिंदू संगठनों का कहना है कि यह स्थल प्राचीन हरिहर मंदिर का है, और इसके ऐतिहासिक प्रमाण याचिका में दिए गए हैं।
- दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय इसे बेबुनियाद और शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश बता रहा है।
वकील गोपाल शर्मा ने याचिका में दिए गए तर्कों को मजबूत बताते हुए कहा, “ऐतिहासिक ग्रंथों के उल्लेख इस स्थल के प्राचीन हिंदू मंदिर होने का प्रमाण देते हैं। अब एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद ही आगे की दिशा तय होगी।”
प्रशासन का संदेश और अपील
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। संभल के डीएम ने कहा कि विवाद को सुलझाने के लिए अदालत के आदेशों का पालन किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
आगे की प्रक्रिया
मस्जिद का सर्वेक्षण करने वाली टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी। इसके बाद 29 जनवरी को इस मामले की सुनवाई में रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई तय की जाएगी।
शहर में स्थिति सामान्य
हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर मस्जिद के आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात है, लेकिन शहर में जनजीवन सामान्य है। प्रशासन की सतर्कता और लोगों की शांति की अपील ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखा है।
निष्कर्ष:
संभल की जामा मस्जिद का यह मामला न केवल कानूनी बल्कि धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी संवेदनशील है। अब अदालत के आगामी फैसले और प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

























