बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की कक्षाओं की शुरुआत के लिए शुक्रवार को केंद्रीय टीम ने निरीक्षण शुरू किया। दो सदस्यीय इस टीम ने कॉलेज की व्यवस्थाओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर, और स्टाफ की दक्षता की गहन जांच की। टीम शनिवार को भी निरीक्षण करेगी और इसके बाद नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया (NCI) को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर बीएससी नर्सिंग की कक्षाओं के संचालन की अनुमति मिलने की संभावना है।






निरीक्षण के मुख्य बिंदु
केंद्रीय टीम ने मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग, वहां मौजूद सुविधाएं, और शिक्षकों के पढ़ाने के तरीकों का गहराई से अध्ययन किया। टीम ने यह देखा कि:
- कॉलेज में विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाएं और संसाधन।
- कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, और पुस्तकालय की स्थिति।
- फैकल्टी के प्रोफेसर्स द्वारा एमबीबीएस छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता।
शनिवार को टीम अन्य पहलुओं, जैसे अग्निशमन उपकरणों की स्थिति और हाइड्रेंट की क्रियाशीलता का भी निरीक्षण करेगी।
अग्निशमन विभाग की मॉक ड्रिल और निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग ने मेडिकल कॉलेज में मॉक ड्रिल आयोजित की। इस ड्रिल में स्टाफ को आग की स्थिति में आवश्यक कदम उठाने का प्रशिक्षण दिया गया।
- फायर अलार्म और अग्निशमन उपकरणों की जांच की गई।
- दमकल विभाग ने यह भी बताया कि आग लगने पर किस उपकरण का इस्तेमाल करना है।
- शनिवार को यहां मौजूद हाइड्रेंट सिस्टम की कार्यक्षमता की भी जांच की जाएगी।
फायर एनओसी को लेकर स्थिति स्पष्ट
कॉलेज के निर्माणाधीन होने के कारण यहां अभी स्थायी फायर एनओसी नहीं है। सीएफओ ने मेडिकल कॉलेज के संचालन पर रोक लगाने की सिफारिश की थी, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने यह तर्क दिया कि बिल्डिंग हैंडओवर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। प्रशासन ने यह भी कहा कि अस्थायी रूप से अग्निशमन व्यवस्था की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय टीम की भूमिका
बदायूं मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की कक्षाओं के संचालन को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी प्रयास जारी हैं।
- केंद्रीय टीम का यह निरीक्षण भविष्य की कक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण होगा।
- कॉलेज प्रशासन ने कहा कि निरीक्षण में जो भी कमियां उजागर होंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
शहरवासियों की उम्मीदें
बदायूं मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कक्षाओं की शुरुआत को लेकर शहरवासियों में उत्साह है। यह कदम न केवल स्थानीय स्तर पर मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूत करेगा।
निष्कर्ष:
केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के बाद बदायूं मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है। प्रशासन और स्थानीय जनता को अब इस रिपोर्ट का इंतजार है, जो बदायूं को मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला सकती है।

























