बिल्सी। सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के तत्वावधान में नगर ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का आज 8 वें दिन विश्राम लिया । आठ दिवसीय यह कथा 20 सितंबर को शुरू हुई थी बीती रात 27 सितंबर को संपन्न हुई। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे आज तक के सभी रिकॉर्ड टूट गए। कथा स्थल पर जगह कम पड़ गई और श्रद्धालुओं को खड़े होकर कथा सुननी पड़ी।

जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री रामचंदाचार्य जी महाराज ने कथा विश्राम के दिवस की कथा में बताया कि भगवान अपने भक्त का अपराध कभी भी स्वीकार नहीं करते जो भगवान के भक्त को किसी भी प्रकार से कष्ट देता है बह भगवान की क्रोध रूपी अग्नि में जल कर के नष्ट हो जाता है इसी प्रसंग में अमरीश और दुर्वासा का प्रसंग सुनाया जब दुर्वासा ने भगवन के भक्त अमरीश का अपराध किया तो भगवान ने अमरीश की सुदर्शन चक्र से रक्षा की और दुर्वासा को पूरे त्रिलोक में भगाया तब दुर्वासा की रक्षा किसी ने नहीं की फिर अमरीश की शरण में ही जाना पड़ा तब अमरीश ने ही दुर्वासा की रक्षा की

कथा के विश्राम के बाद, मंगल महंत जी ने अपने परिजनों संग भागवत भगवान की आरती उतारी। कथा विश्राम के सफल आयोजन पर स्थानीय कवि नरेंद्र गर्ल ने अपनी सुंदर कविता के माध्यम से कथा व्यास, महंत जी और सभी श्रद्धालुओं को जोड़ते हुए कविता के माध्यम से अपने दिल के उद्गार व्यक्त किए।

ततपश्चात श्रद्धालुओं ने कथा व्यास का पूजन किया और पान-फूल रूपी दक्षिणा अर्पण कर भारी मन से उन्हें विदाई दी। इसके पश्चात, कथा व्यास नैमिशार्णय स्थित अपने आश्रम के लिए रवाना हो गए।

कथा स्थल पर कलश उठाने वाली महिलाओं को सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के महंत के पुत्रों प्रदीप कुमार शर्मा ने अपनी पत्नी एवं पुत्र मंजुला शर्मा (मीनू) व ओजित शर्मा संजीव शर्मा ने अपनी पत्नी रीनू शर्मा व पुत्र यश भारद्वाज के साथ मिलकर कलश और प्रसाद का वितरण किया।साथ ही सभी कथा श्रद्धालुओं को अंत में प्रसाद वितरित किया गया।

सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम से आज हनुमान जी का डोला ओजित शर्मा और यश भारद्वाज लेकर कथा स्थल पर पहुंचे। रात्रि में डोला वापस सिद्धपीठ पहुंचा, जहां हनुमान चालीसा और 108 राम नाम माला के साथ हनुमान जी ने अपना स्थान लिया। कथा स्थल से कलश उठाने वाली 108 पीत वस्त्रधारी महिलाएं डोले के साथ बालाजी धाम पहुंचीं।

महंत जी ने कथा के सफल आयोजन पर सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने स्टेज बनाने वाले कारीगरों, टेंट और लाइटिंग के कर्मचारियों और मालिकों का भी धन्यवाद किया। साथ ही, कथा के दौरान दोनों समय भोजन कराने वाले हलवाई और उनकी टीम का विशेष आभार व्यक्त किया। महंत जी ने रोजाना पूजन के लिए फूल और मालाएं तैयार करने वाले माली का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने ढोल-नगाड़े बजाने वाले बैंड कर्मियों और उनके मालिक का भी धन्यवाद किया, जो प्रतिदिन बालाजी धाम से कथा स्थल तक डोले के आगे चलते थे। अंत में, कथा के लिए वर्षों से स्थल उपलब्ध कराने वाले स्कूल प्रबंधक का भी आभार व्यक्त किया गया।

कथा सुनने के लिए बिल्सी क्षेत्र के अलावा कासगंज, बिसौली, बदायूं, उझानी, चंदौसी, हापुड़, गाजियाबाद, एटा, बरेली, संभल, दादरी, अलीगढ़ और बुलंदशहर से भारी संख्या में श्रद्धालु आए।

इस मौके पर बिल्सी पुलिस और महिला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्ञान देवी सागर, महंत पं. मटरूमल शर्मा, प्रदीप शर्मा, संजीव शर्मा, ओजित शर्मा, यश भारद्वाज, आचार्य हरीओम मिश्रा,अंकित मिश्रा,राजीव शर्मा, नरेंद्र गर्ल, दीपक माहेश्वरी, डा. राजा बाबू वार्ष्णेय, कवि नरेंद्र गर्ल, स्वतंत्र राठी, सरिता माहेश्वरी, सारिका राठी, और सुनील माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, मोहित देवल, संदीप दीपू, चारु सोमानी, सौरभ सोमानी, डिम्पल सोमानी, रंजन माहेश्वरी, मुनीश गिरी, गिरीश गिरी, देवांश सोमानी, रोहित माहेश्वरी वरिष्ठ पत्रकार ललित वार्ष्णेय प्राचार्य रविचंद्र वार्ष्णेय चंद्रपाल तोषनीवाल,सुरेश बाबू वार्ष्णेय गोपाल पाराशर प्रदीप वार्ष्णेय शिव पाराशर सहित हजारों की संख्या में कथा प्रेमी श्रद्धालुओं ने कथा रसास्वादन किया।

कल कथा विश्राम के बाद आज सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम दरबार में हवन पूजन के साथ अनुष्ठान सम्पन्न हो गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में भक्त शामिल हुए, बताते चले कि श्रीमद भागवत कथा कि शुरुआत कार्यक्रम के सफलता पूर्वक सम्पन्न कराने के लिए भगवान से प्रतिदिन यजमानों व कलश उठाने वाली महिलाओं के परिजनों द्वारा 8 दिनों तक़ अनुष्ठान किया जाता है अनुष्ठान के अंत में यज्ञ हवन कर पूर्ण आहूती के साथ ही विधि विधान पूर्वक अनुष्ठान को सम्पन्न कराया जाता है। आज सुबह 9 बजे दरबार में पं हरिओम मिश्रा और अंकित मिश्रा ने यजमानों से अनुष्ठान कि पूर्ण आहूती कराई, ततपश्चात आरती कर भागवत कथा का 8 दिवसीय अनुष्ठान सम्पन्न हो गया।

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