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बिल्सी: श्रीमद् भागवत कथा चतुर्थ दिवस कथा मे कुंती प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन,

बिल्सी। नगर के ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम महंत मटरुमल शर्मा महाराज के तत्वावधान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री रामचन्दाचार्य जी महाराज ने कुंती प्रसंग सुनाते हुए कुंती की शरणागति का गहन वर्णन किया।स्वामी जी महाराज ने कथा में बताया कि कुंती ने भगवान से दो महत्वपूर्ण वरदान मांगे थे। उन्होंने कहा, “हे प्रभु, मुझे विपत्ति दे दो, संसार के सारे दुख मुझे दे दो।” स्वामी जी ने स्पष्ट किया कि कुंती का यह कथन इस बात को दर्शाता है कि जब जब वह विपत्ति में पड़ी, तब तब भगवान ने उनकी रक्षा की। उन्होंने कहा, “प्रभु, यदि आप विपत्ति में आते हैं, तो मुझे वह विपत्ति ही चाहिए, क्योंकि उस समय आपका साथ मिलता है।”

इसके साथ ही, कुंती ने भगवान से संसार से वैराग्य और उनके चरणों में प्रेम की भी याचना की। स्वामी जी ने बताया कि जब जीव का संसार से वैराग्य हो जाता है, तो वह बैकुंठ का अधिकारी बन जाता है और भगवान का शरणागत हो जाता है।

सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम से कथा के मुख्य यजमान हनुमान जी महाराज का डोला आज संजीब शर्मा सपत्नी रीनू शर्मा के संग लेकर आज कथा स्थल पहुंचे।

इस अवसर पर बालाजी धाम के प्रधान महंत मटरूमल शर्मा महाराज जी के साथ शांति देवी शर्मा, प्रदीप शर्मा, संजीव शर्मा, यश भारद्वाज, आचार्य हरी ओम शर्मा, राजीव शर्मा, नरेंद्र गरल, दीपक माहेश्वरी, चारु सोमानी, डॉ. राजाबाबू वार्ष्णेय, विशाल भारत, स्वतंत्र राठी, सरिता माहेश्वरी, सारिका राठी, सुनील माहेश्वरी, बनवारी लाल शर्मा, मुकेश गुप्ता, पुष्कीन माहेश्वरी, रंजन माहेश्वरी, जितेंद्र कुमार, राजेश कुमार, प्रवीण वार्ष्णेय, आशीष वशिष्ठ सहित भारी संख्या मे कथा प्रेमी मौजूद रहे।कथा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही, जिन्होंने भक्तिपूर्वक कथा का श्रवण किया।

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