बिल्सी/बदायूं के इस्लामनगर क्षेत्र में पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। बीती रात पुलिस मुठभेड़ के दौरान ₹25,000 का इनामी शातिर बदमाश नाजिम को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाजिम, जो 16 अगस्त की रात बिल्सी रोड कब्रिस्तान के पास हुई गौकशी की घटना में मुख्य भूमिका निभा रहा था, पुलिस की लंबे समय से गिरफ्त से बाहर था।
मुठभेड़ की पूरी घटना
थाना इस्लामनगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विक्रमपुर चरसोरा मोड़ पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। इस सूचना पर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बिल्सी मार्ग पर स्थित सरसोरा मोड़ के पास घात लगाई। देर रात पुलिस टीम को उघाटी की ओर से एक टेंपो आता दिखाई दिया। पुलिस ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर टेंपो को रोकने का प्रयास किया, लेकिन टेंपो में बैठे बदमाश पुलिस को देखकर सरसोरा की तरफ भागने लगे।
बदमाशों ने भागते हुए टेंपो से उतरकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुख्य अभियुक्त नाजिम के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। इस मुठभेड़ में पुलिस के आरक्षी विकी भी घायल हो गए। पुलिस ने तुरंत नाजिम को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके तीन अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
गौकशी कांड से नाजिम का संबंध
गिरफ्तार नाजिम से पूछताछ में यह बड़ा खुलासा हुआ कि वह 16 अगस्त की रात बिल्सी रोड कब्रिस्तान के पास हुई गौकशी की घटना में शामिल था। नाजिम, फिरोज, शकील और अन्य साथियों ने उस रात आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़ा और उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उनके मांस को बेच दिया गया।
नाजिम ने पुलिस को बताया कि इस घटना के बाद भी उनका समूह सक्रिय था और वे फिर से उसी जगह पर पशु पकड़कर काटने का प्लान बना रहे थे। उन्होंने इसके लिए योजना बनाई थी कि वे फिर से बिल्सी मोड़ कब्रिस्तान के पास इकट्ठा होंगे। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने नाजिम को गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी और कार्रवाई
पुलिस ने नाजिम के पास से एक तमंचा, 315 बोर की दो आदत छोरी, गौकशी के उपकरण, और एक टेंपो बरामद किया है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद नाजिम को अस्पताल में भर्ती कराया और फिर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इस कार्रवाई से एक बार फिर बदायूं पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के खिलाफ उसकी मुहिम में कोई कमी नहीं है। पुलिस अब फरार अन्य अभियुक्तों की तलाश में जुटी है, ताकि उन्हें भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
गौकशी जैसी घटनाओं के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई से इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत हो रही है, और जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

























