लखनऊ।लखनऊ के दीपक कुमार स्वर्णकार नाम के युवक की अर्जी पर एमपी एमएलए कोर्ट ने सपा नेता की स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य को धोखाधड़ी और स्वामी प्रसाद मौर्य समेत 5 को मारपीट व धमकाने की धारा में 6 जनवरी को कोर्ट में तलब किया है। दीपक का आरोप है कि उसने संघमित्रा से शादी की थी और संघमित्रा ने बगैर उससे तलाक लिए दूसरा विवाह किया। उसने ये भी दावा किया कि संघमित्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में खुद को अविवाहित बताया जो कि झूठ है। उसका आरोप है कि संघमित्रा के पिता स्वामी प्रसाद समेत अन्य ने उसके साथ मारपीट भी की।




दीपक कुमार स्वर्णकार ने कोर्ट में बताया है कि संघमित्रा मौर्य ने न सिर्फ उन्हें धोखे में रखा, बल्कि चुनावी हलफनामे में भी उन्होंने बातों को छिपाया। दीपक ने संघमित्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने खुद को चुनावी हलफनामे में अविवाहित दिखाया है, जबकि वो पहले से शादीशुदा थी और तलाक पर फैसला साल 2021 में आया था। बदायूँ से भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्या पर आरोप लगाने वाले दीपक कुमार स्वर्णकार लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी के रहने हैं जो पेशे से पत्रकार बताए जा रहे हैं।
दीपक कुमार के वकील रोहित त्रिपाठी ने एएनआई से बातचीत में कहा, “2019 में उनकी शादी संघमित्रा से हुई थी। उन्होंने दावा किया कि संघमित्रा ने अपने पिछले पति से तलाक नहीं लिया था और अपनी पिछली शादी को छुपाया था। बाद में पता चला कि मुकदमा अभी भी लंबित था। जब संघमित्रा 2021 में सांसद बनीं तो उन्होंने मेरे वादी को घर से बाहर निकाल दिया। स्वामी प्रसाद मौर्य और कुछ लोगों ने उन्हें मारा और गालियां दीं
संघमित्रा और दीपक की क्या है कहानी?
दीपक स्वर्णकार का कहना है कि वो 2016 से संघमित्रा मौर्य के साथ लिव इन रिलेशनशिप में था। संघमित्रा ने बताया था कि उनका पहली शादी से तलाक हो चुका है. जिसके बाद साल 2019 में दीपक और संघमित्रा ने घर पर ही शादी कर ली थी, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में संघमित्रा ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में खुद को अविवाहित बताया। बाद में पता चला कि संघमित्रा का 2021 में तलाक हुआ था।
उनकी पहली शादी लखनऊ के मशहूर डॉक्टर डॉ नवल किशोर शाक्य से प्रेम विवाह के तौर पर हुई थी। दोनों एक साथ एमबीबीएस की पढ़ाई करते थे। दोनों ने साल 2010 में शादी कर ली थी। हालाँकि साल 2012 से ही दोनों में अलगाव की खबरें आने लगी। दोनों का एक बच्चा भी है। संघमित्रा मौर्य ने 21 दिसंबर 2017 को लखनऊ में तलाक के लिए दायर किया और उन्हें 19 जनवरी 2021 को तलाक दे दिया गया। अब दीपक का कहना है कि संघमित्रा ने पहले तलाक की झूठी कहानी उनके साथ शेयर की थी और साल 2016 से ही उनके साथ लिव इन में रह रही थी। सांसद बनने के बाद उसने दीपक को घर से निकाल दिया।
इस मामले में अब एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अम्बरीश श्रीवास्तव ने आरोपियों को कोर्ट में पेश होने का आदेश देते हुए सुनवाई के लिए छह जनवरी 2024 की तारीख तय की है।


























