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मध्यप्रदेश के निशांक राठौर की मौत बनी पुलिस के लिये पहेली, मृतक के मोबाइल से पिता को आया मैसेज, लिखा था, ‘नबी से गुस्ताख़ी नहीं. गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा…

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बी.टेक की पढ़ाई करने वाले निशांक राठौर की संदिग्ध मौत पर विवाद बढ़ता हुआ दिखाई पड़ रहा है. निशांक राठौर का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था, जिसे पहले आत्महत्या का मामला माना जा रहा था. लेकिन छात्र के पिता को उसी दिन बेटे के फोन पर एक मैसेज मिला, जिसने मामले को संदिग्ध बनाया.
निशांक राठौर के मोबाइल से जो मैसेज पिता को मिला उसमें लिखा था, ‘नबी से गुस्ताख़ी नहीं. गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा…’ इसी तरह का मैसेज उसके दोस्तों के पास भी गया. इसके साथ ही उसमें लिखा था कि राठौर साहब आपका बेटा बहुत बहादुर था.

इसके बाद इस मामले की जांच की जा रही है कि आख़िर यह मैसेज किसने किए.
पहले पुलिस ने माना आत्महत्या का मामला
भोपाल पुलिस के मुताबिक़, प्रदेश के सिवनी मालवा के रहने वाले क़रीब 20 साल के निशांक राठौर, भोपाल के ओरियंटल कॉलेज में बी.टेक की पढ़ाई कर रहे थे. शुरुआती जांच में पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या का मामला माना था. लेकिन अब पुलिस दूसरे पहलूओं पर भी जांच कर रही है. निशांक रविवार को लापता हो गया था. उसके मैसेज की वजह से घर वाले उसे लगातार फ़ोन लगा रहे थे लेकिन वो उठा नहीं रहा था. जब उससे बात नहीं हो पाई तो परिवार के सदस्यों ने भोपाल का रुख़ किया.इस दौरान पुलिस भी निशांक की तलाश में जुट गई. उसकी लोकेशन बरखेड़ा के पास पाई गई. इसके कुछ ही देर बाद पुलिस को जानकारी मिली कि एक युवक का शव बरखेड़ा रेलवे ट्रैक के पास पड़ा है. परिवार ने इस शव की निशांक के तौर पर पहचान की. वहीं निशांक का मोबाइल और स्कूटी घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद किए गए.
पुलिस ने जांच शुरू की
पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी साफ़ – साफ़ नहीं बता पाई है. पुलिस का मानना है कि इस मामले की पूरी जांच और सभी तथ्य सामने आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है.वहीं, पुलिस सिवनी मालवा में ऐहतियात बरत रही है. नगर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. लोग इस पूरे घटनाक्रम को उदयपुर की घटना से जोड़कर भी देख रहे हैं.

निशांक का अंतिम संस्कार सिवनी मालवा में किया गया. निशांक की दो बहनें है जबकि उसकी मां का देहांत पहले ही हो गया था.
दोनों बहनों ने निशांक की कलाई में राखी बांध कर उसे विदा किया. अंतिम यात्रा में भारी भीड़ थी और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो इसकी वजह से पुलिस ने पर्याप्त सुरक्षा का इंतज़ाम किया था.

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