

बदायूं। रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, बदायूं की तहसील प्रभारी प्रीति राठौर के नेतृत्व में शिक्षिकाओं के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षिकाओं ने कैबिनेट मंत्री को रक्षासूत्र बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को निभाया और उनके समक्ष अपनी प्रमुख मांग भी रखी।
शिक्षिकाओं ने रक्षाबंधन के मौके पर किसी भौतिक उपहार की अपेक्षा न रखते हुए नौकरी की सुरक्षा, सेवा की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा को अपना उपहार बताया। उन्होंने कैबिनेट मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि शिक्षिकाओं के लिए सबसे बड़ी चिंता उनकी सेवा का भविष्य है।
तहसील प्रभारी प्रीति राठौर ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हमें इस पर्व पर कोई भौतिक उपहार नहीं चाहिए। हमारी एकमात्र मांग है कि शिक्षिकाओं की नौकरी, भविष्य और परिवार सुरक्षित रहें।”
प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री के सामने एक सूत्रीय मांग—सेवा सुरक्षा को प्रमुखता से रखा। शिक्षिकाओं ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता के कारण लंबे समय से सेवा दे रही शिक्षिकाओं की नौकरी प्रभावित नहीं होनी चाहिए और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाना चाहिए।
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने शिक्षिकाओं की भावनाओं और उनकी मांग को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि टीईटी अनिवार्यता के चलते किसी भी स्थिति में उनकी सेवा बाधित नहीं होने दी जाएगी। मंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षिकाओं ने राहत व्यक्त की।
रक्षाबंधन के अवसर पर हुई यह मुलाकात जहां भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक बनी, वहीं शिक्षिकाओं ने राखी के माध्यम से सरकार के समक्ष अपनी सेवा सुरक्षा की चिंता और भविष्य को लेकर अपेक्षाएं भी प्रभावी ढंग से रखीं।
























