कक्षा आठ के विद्यार्थियों ने हिन्दुस्तान मिंट एंड एग्रो प्रोडक्ट्स में समझी उत्पादन प्रक्रिया, औद्योगिक कार्यप्रणाली की ली जानकारी


बिल्सी। नगर के बाबा इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा आठ के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को चंदौसी स्थित हिन्दुस्तान मिंट एंड एग्रो प्रोडक्ट्स का शैक्षिक एवं औद्योगिक भ्रमण किया। विद्यालय की ओर से आयोजित यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं यादगार अनुभव रहा। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक औद्योगिक वातावरण का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था।
औद्योगिक इकाई के भ्रमण को लेकर विद्यार्थियों में सुबह से ही खासा उत्साह दिखाई दिया। चंदौसी पहुंचने के बाद विद्यार्थियों ने औद्योगिक परिसर का भ्रमण किया और वहां होने वाली विभिन्न गतिविधियों एवं उत्पादन प्रक्रिया को नजदीक से समझा।
विद्यार्थियों ने समझी उत्पादन प्रक्रिया
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को संस्था के कार्यों, उत्पादन प्रक्रिया और औद्योगिक इकाई के संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने विभिन्न मशीनों और उत्पादन से संबंधित प्रक्रियाओं को ध्यानपूर्वक देखा तथा यह समझने का प्रयास किया कि किसी उत्पाद को तैयार करने के लिए किन-किन चरणों से गुजरना पड़ता है।
उन्हें बताया गया कि किसी भी उद्योग को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए सटीक योजना, तकनीकी ज्ञान, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है। विद्यार्थियों ने यह भी जाना कि किसी उत्पाद के निर्माण के पीछे केवल मशीनों का संचालन ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों की मेहनत और विभिन्न विभागों के आपसी तालमेल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कक्षा के ज्ञान को वास्तविक जीवन से जोड़ने का प्रयास
विद्यालय के शिक्षकों ने भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को प्राप्त जानकारी को उनके पाठ्यक्रम से जोड़कर समझाया। शिक्षकों ने बताया कि विज्ञान, गणित, पर्यावरण, कंप्यूटर सहित विभिन्न विषयों में पढ़ाए जाने वाले अनेक सिद्धांतों का प्रयोग वास्तविक जीवन और औद्योगिक क्षेत्र में किया जाता है।
इस दौरान विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय में सीखी गई जानकारी का उपयोग भविष्य में व्यावहारिक जीवन और विभिन्न कार्यक्षेत्रों में भी किया जाता है।
व्यावहारिक शिक्षा पर विद्यालय का जोर
विद्यालय निदेशक अनुज वार्ष्णेय एवं निदेशिका साधना वार्ष्णेय ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक एवं सामाजिक रूप से जागरूक बनाना भी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों में निरीक्षण करने, प्रश्न पूछने, नई चीजों को समझने और प्राप्त ज्ञान को व्यवहारिक रूप देने की क्षमता विकसित करते हैं। साथ ही विद्यार्थियों को अपने आसपास मौजूद औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को समझने का अवसर मिलता है।
मेहनत, समय की पाबंदी और टीमवर्क का महत्व समझा
विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए मेहनत, लगन, समय की पाबंदी, तकनीकी ज्ञान और टीमवर्क बेहद जरूरी है। औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को इन सभी बातों को करीब से समझने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि इस भ्रमण ने विद्यार्थियों को भविष्य के विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में सोचने के लिए भी प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने जाना कि किसी उद्योग में केवल तकनीकी कार्य ही नहीं होते, बल्कि प्रशासन, प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, कंप्यूटर, सुरक्षा और अन्य कई क्षेत्रों में भी रोजगार एवं करियर की संभावनाएं होती हैं।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं से जुड़े सवाल भी पूछे और औद्योगिक कार्यप्रणाली को समझने में रुचि दिखाई। इस दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर सीखने और नई जानकारी प्राप्त करने का उत्साह नजर आया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रशासक अमित माहेश्वरी सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए इस तरह के शैक्षिक भ्रमण आयोजित किए जाते रहेंगे।

























