
शनिवार शाम को हरिद्वार से 36 घंटे की निरंतर दौड़ पूरी कर गंगाजल लेकर लौटेंगे शिवभक्त, बिरुआवाड़ी मंदिर में होगा भव्य अभिषेक
बदायूं। सावन माह में भगवान शिव की आराधना को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में बदायूं का बाबा भैरव का दगड़ा डाक कांवड़ यात्रा दल गुरुवार को बदायूं के बिरुआवाड़ी मंदिर से हरिद्वार के लिए गंगाजल लेने रवाना हुआ। यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की गई और श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयघोष के बीच यात्रा का शुभारंभ किया।
यात्रा में कुनाल भोले, सचिन भोले, राहुल भोले (महंत), शिवम भोले, मोनू भोले, ब्रजेश भोले, मुन्ना भोले सहित करीब 25 से 30 शिवभक्त शामिल हैं। पूरे जत्थे में बाबा भोलेनाथ के प्रति अपार श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला।
शिवभक्त हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा के पवित्र घाट से गंगाजल भरेंगे और शनिवार शाम को डाक कांवड़ लेकर बदायूं के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके बाद बिना किसी विश्राम के लगातार करीब 36 घंटे की दौड़ पूरी करते हुए सोमवार, 3 अगस्त 2026 की सुबह बदायूं पहुंचेंगे। इसके पश्चात बिरुआवाड़ी मंदिर में स्थापित भगवान भोलेनाथ का पवित्र गंगाजल से विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक किया जाएगा।
क्या होती है डाक कांवड़?
डाक कांवड़ को कांवड़ यात्रा का सबसे कठिन और अनुशासित स्वरूप माना जाता है। इसमें कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर बिना रुके, बिना विश्राम किए लगातार दौड़ते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। पूरी यात्रा के दौरान कांवड़ को जमीन पर नहीं रखा जाता और श्रद्धालु कठोर नियमों का पालन करते हुए “बोल बम” के जयघोष के साथ अपनी यात्रा पूरी करते हैं। मान्यता है कि डाक कांवड़ से लाए गए गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
डाक कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों और स्थानीय श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ से सुख, समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हुए यात्रा के सकुशल संपन्न होने की प्रार्थना की। सोमवार को बिरुआवाड़ी मंदिर में जलाभिषेक के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।


























