- अनाथ कन्या के विवाह की उठाई पूरी जिम्मेदारी
- माता-पिता नहीं, दिव्यांग भाई ही सहारा… फिर भी धूमधाम से हुई बेटी की विदाई।

चंदौसी। आज के दौर में जहां समाज में रिश्तों और सामाजिक जिम्मेदारियों का दायरा लगातार सीमित होता जा रहा है, वहीं चंदौसी के रामबाग रोड स्थित अक्रूर जी पुरम में स्थापित श्री महाकालेश्वर देव वाणी मंदिर ट्रस्ट ने मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की अनूठी मिसाल पेश की।
ट्रस्ट की ओर से मुरादाबाद निवासी निर्धन हिंदू कन्या मीनाक्षी शर्मा का विवाह जनपद बदायूं के थाना उघैती क्षेत्र के ग्राम जाटों वाला रामनगर निवासी शिवकुमार शर्मा के साथ पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ संपन्न कराया गया।
बताया गया कि कन्या के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार में केवल एक भाई है, जो दिव्यांग है। आर्थिक तंगी और पारिवारिक असहायता के कारण विवाह में भारी कठिनाइयां सामने आ रही थीं। ऐसे में कन्या के दूर के रिश्तेदारों ने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया।
मामले की जानकारी मिलते ही अक्रूर जी पुरम के समाजसेवी एवं मंदिर ट्रस्ट के महिला-पुरुष सदस्यों ने कन्या के विवाह की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली। विवाह समारोह मंदिर प्रांगण में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया।
ट्रस्ट के सदस्यों ने कन्या पक्ष के अभिभावक बनकर न केवल जयमाला और सात फेरों की रस्म पूरी कराई, बल्कि नवदंपति को गृहस्थ जीवन में उपयोगी उपहार भी भेंट किए। इसके बाद भावुक माहौल में कन्या को सम्मानपूर्वक विदा किया गया।
विवाह समारोह में मौजूद लोगों ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यदि सक्षम लोग इसी प्रकार जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आएं, तो समाज में कोई बेटी असहाय महसूस नहीं करेगी।
यह आयोजन केवल एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि समाज को मानवता, सहयोग और संस्कारों का संदेश देने वाली प्रेरणादायक पहल बन गया।

























