
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार कर बड़ा राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है। रविवार को लखनऊ स्थित जनभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 6 नए नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जबकि दो मंत्रियों को प्रमोशन देकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
शपथ लेने वालों में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, अजीत पाल, सोमेंद्र तोमर, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत शामिल रहे।
राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि प्रदेश में बढ़ते जनदबाव और जनता के बीच कई मुद्दों को लेकर असंतोष को देखते हुए सरकार ने संगठन और सत्ता दोनों स्तरों पर नए समीकरण साधने की कोशिश की है। लगातार जनता की नाराजगी और क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर पार्टी विधायकों व कार्यकर्ताओं को भी विरोध का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में आने वाले चुनावों से पहले सरकार ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार किया है।
मंत्रिमंडल विस्तार में पिछड़े, दलित और क्षेत्रीय चेहरों को प्राथमिकता देकर भाजपा ने स्पष्ट संकेत देने की कोशिश की है कि पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है।


























