बदायूं/बिल्सी। जनपद बदायूं के बिल्सी कस्बा निवासी वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि नरेंद्र गरल को उनके दीर्घकालीन साहित्यिक योगदान के लिए इस वर्ष प्रतिष्ठित ‘विपुलम सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान लखनऊ में पिछले लगभग बीस वर्षों से आयोजित हो रहे भव्य विपुलम कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में प्रदान किया जाएगा।

गौरतलब है कि यह सम्मान हर वर्ष देश के किसी एक वरिष्ठ और विशिष्ट कवि को उनकी साहित्य साधना के लिए दिया जाता है। इस प्रतिष्ठित सम्मान से अब तक हिंदी साहित्य जगत के कई नामचीन हस्ताक्षर सम्मानित हो चुके हैं, जिनमें गोपालदास नीरज, ओम प्रकाश आदित्य, सोम ठाकुर, वसीम बरेलवी, कुंअर बेचैन, हरिओम पवार, सुरेंद्र शर्मा, उदय प्रताप सिंह एवं संतोषानंद जैसे दिग्गज शामिल हैं।

इस वर्ष के आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उपस्थित रहेंगे, जिनके हाथों यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, लखनऊ के सुझाव पर नरेंद्र गरल का चयन किया गया है। उनके चयन की घोषणा होते ही बदायूं के साहित्यिक क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।

उत्तर प्रदेश साहित्य सभा बदायूं इकाई के नवीन कार्यकारिणी सदस्यों—डॉ. कमला माहेश्वरी, मंजुल शंखधार, डॉ. प्रतिभा मिश्रा, डॉ. राम बहादुर ‘व्यथित’, श्रीमती अंजलि अग्रवाल, कुमार आशीष, डॉ. निशि अवस्थी, डॉ. उपदेश शंखधार, डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी सहित सभी सदस्यों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है।

गौरतलब है कि नरेंद्र गरल वर्तमान में उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, बदायूं इकाई के संरक्षक भी हैं और लंबे समय से साहित्य सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सोनरूपा एवं वर्ष 2026-27 के लिए मनोनीत संयोजक गीतम सिंह ने इस चयन के लिए उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के प्रधान डॉ. सर्वेश अस्थाना का आभार व्यक्त किया है।

नरेंद्र गरल को मिलने वाला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे बदायूं जनपद के लिए गर्व का विषय है। इससे क्षेत्र के साहित्यकारों को नई प्रेरणा मिलेगी और हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here