
बिल्सी। नगर के बिसौली रोड स्थित श्री 1008 पदम प्रभु दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र पद्मांचल जैन मंदिर में जैन संत बालाचार्य श्री 108 अभिनंदन सागर जी महाराज का मंगल प्रवचन आयोजित हुआ, जिसमें जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रवचन से पूर्व महाराज श्री की आहार चर्या नगर के जेपी जैन बाल निकेतन स्कूल में जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान के साथ संपन्न कराई गई। इस दौरान महाराज श्री ने जैन धर्म के नियमों का पालन करते हुए आहार ग्रहण किया।
प्रवचन के दौरान बालाचार्य अभिनंदन सागर महाराज ने कहा कि जैन संत नदी की बहती धारा के समान होते हैं। जिस प्रकार नदी अपने प्रवाह से मार्ग में आने वाले सभी तत्वों को सिंचित करती है, उसी प्रकार जैन साधु भी अपने विहार मार्ग में आने वाले सभी प्राणियों को बिना किसी भेदभाव के धर्म लाभ और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में शुभ कर्म करने चाहिए, क्योंकि यही शुभ कर्म इस जन्म के साथ-साथ अगले जन्म तक जीव के साथ बने रहते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को अपने जीवन में सत्कर्मों का संचय करना चाहिए।
प्रवचन के उपरांत महाराज श्री का मंगल विहार उझानी नगर की ओर हो गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशांत जैन, सतीश चंद्र जैन, प्रीत कुमार जैन, सम्यक जैन, भोला जैन, अजीत कुमार जैन, अनिल कुमार जैन, मृगांक कुमार जैन, विशाल कुमार जैन, वाशु जैन, सौम्या जैन सहित जैन समाज के अनेक लोगों ने सक्रिय सहयोग किया।


























