

बरेली के स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग में विद्या भारती द्वारा आयोजित सरस्वती प्रतिभा खोज परीक्षा का आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। परीक्षा का शुभारंभ प्रातः निर्धारित समय पर हुआ, जिसमें अनुशासन एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया।
परीक्षा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विद्या भारती के पर्यवेक्षक राम किशोर श्रीवास्तव (शिशु वाटिका प्रभारी, ब्रज प्रदेश) ने बताया कि इस परीक्षा का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच, सामान्य ज्ञान एवं शैक्षणिक दक्षता का आकलन कर उनकी अंतर्निहित प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है।
बरेली केंद्र पर कक्षा पंचम एवं अष्टम के कुल 385 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सहभाग किया। प्रश्नपत्रों में गणित, विज्ञान, भाषा, सामान्य ज्ञान एवं तर्कशक्ति से संबंधित प्रश्न शामिल किए गए, जिससे विद्यार्थियों की समग्र योग्यता का मूल्यांकन किया जा सके। विद्यालय प्रबंधन एवं आचार्यों द्वारा परीक्षा की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया गया।
परीक्षा के दौरान प्रांत द्वारा गठित सचल दस्ता भी सक्रिय रहा, जिसमें बाल कल्याण समिति के मंत्री दिनेश मलिक, सुनील कुमार शर्मा (व्यवस्थापक, चौपाला विद्यालय) एवं अवनीश शर्मा (सेवानिवृत्त मुख्य प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा) ने केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की।
शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के जिला मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि सरस्वती प्रतिभा खोज परीक्षा प्रतिवर्ष देशभर में एक साथ आयोजित की जाती है। इसके अंतर्गत ब्रज प्रदेश के आगरा, बरेली एवं एटा जिलों में परीक्षा कराई जा रही है। इस परीक्षा में बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत एवं बरेली के भैया-बहनों ने सहभाग किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील कुमार सिंह ने कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने एवं निखारने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करती है। इस प्रकार की परीक्षाएं बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं और उन्हें भविष्य की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करती हैं। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रांत स्तर पर प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
परीक्षा अधीक्षक आसाराम गंगवार के साथ रामेश्वर पाल सिंह एवं धीरज सिंह ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी परीक्षाएं बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें लक्ष्य के प्रति प्रेरित करती हैं।
अंत में विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि सरस्वती प्रतिभा खोज परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभाएं उजागर होंगी और वे भविष्य में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त करेंगे। यह आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता एवं संस्कारयुक्त ज्ञान के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।


























