लखनऊ। राजधानी लखनऊ में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने की दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश के कई जिलों—खासतौर पर बरेली और बदायूं—में चाइनीज मांझे से होने वाली घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन लोग इसके शिकार हो रहे हैं, लेकिन लापरवाह पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।










ताज़ा मामला बाजार खाला थाना क्षेत्र के हैदरगंज ओवरब्रिज का है, जहां बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बाइक से जा रहे जाइडस कंपनी के एमआर मोहम्मद शोएब (33) के गले में चाइनीज मांझा उलझ गया। तेज धारदार मांझे से उनकी गर्दन की नसें कट गईं। खून से लथपथ शोएब बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े और करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे।
ट्रॉमा सेंटर में डेढ़ घंटे चला इलाज, नहीं बच सकी जान
राहगीरों ने उन्हें आनन-फानन में ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने करीब डेढ़ घंटे तक उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के चलते शोएब को मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, गले की नसें कटने से ज्यादा खून बह गया था।
मृतक के बहनोई फैज ने बताया कि दोपहर करीब 3:30 बजे फोन से हादसे की जानकारी मिली। ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर शोएब का ईसीजी चल रहा था, लेकिन हालात बेहद नाजुक थे। शोएब अपने पीछे पत्नी फौजिया और दो मासूम बेटियां—7 वर्षीय बुशरा और 2 वर्षीय इकरा—को छोड़ गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप—पहले भी होते रहे हादसे, नहीं हुई कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हैदरगंज पुल और आसपास के इलाकों में पहले भी मांझे से लोग घायल होते रहे हैं, लेकिन मामूली चोट लगने के कारण लोग शिकायत दर्ज नहीं कराते। आज एक बड़ी घटना हो गई, जिसने प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी।
सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा साफ नजर आया। कई पीड़ित और जागरूक नागरिक पुलिस को टैग कर सवाल उठा रहे हैं कि जब उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझा पूरी तरह बैन है, तो फिर यह खुलेआम कैसे बिक रहा है?
लोगों का आरोप है कि पुलिस न तो विक्रेताओं के खिलाफ सघन अभियान चलाती है और न ही कड़ी कानूनी कार्रवाई करती है। यदि समय रहते सख्ती होती, तो शायद आज एक और जान न जाती।
पुलिस का बयान
इंस्पेक्टर बाजार खाला बृजेश सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी और घायल को अस्पताल भिजवाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में लगातार हो रही हैं जानलेवा घटनाएं
चाइनीज मांझा प्रदेश में कई जानें ले चुका है—
- लखनऊ (दिसंबर 2025): युवक की गर्दन कटी, 7 टांकों से जान बची
- शाहजहांपुर (जनवरी 2025): कांस्टेबल शाहरुख हसन की मौत
- अलीगढ़, गोरखपुर, शाहजहांपुर सहित कई जिलों में गंभीर हादसे
जनता की मांग—सख्त अभियान चलाएं मुख्यमंत्री
जनता और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि केवल संज्ञान लेने से काम नहीं चलेगा। प्रदेशभर में सघन अभियान चलाकर चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।


























