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बदायूं सांसद आदित्य यादव ने गंगा एक्सप्रेसवे का रानेट चौराहा के पास ग्राम नागपुर (बिसौली) के पास नए इंटरचेंज की उठाई मांग, यूपीडा को लिखा पत्र,सांसद गंभीर, लेकिन बिल्सी-बिसौली विधायक चुप क्यों?

“एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा बदायूं से गुजरा,लेकिन फायदा दूसरे जनपदों को? सांसद आदित्य यादव ”

बदायूं। गंगा एक्सप्रेसवे से बदायूं जनपद को अधिकतम लाभ दिलाने की दिशा में समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने एक अहम पहल करते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखकर बिसौली–बिल्सी रोड स्थित रानेट चौराहा के पास ग्राम नागपुर (बिसौली) में नए इंटरचेंज के निर्माण की मांग की है।

सांसद के इस पत्र ने जहां जनपद के विकास को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है, वहीं यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि सत्ता पक्ष के बिल्सी और बिसौली के विधायक इस जनहित के मुद्दे पर अब तक मौन क्यों हैं?

सांसद के पत्र में क्या है खास

सांसद आदित्य यादव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा, 6 लेन एक्सेस कंट्रोल गंगा एक्सप्रेसवे बदायूं जनपद में लगभग 93 से 95 किलोमीटर की लंबाई में गुजरता है। इसके प्रभाव क्षेत्र में सदर, बिसौली, बिल्सी और दातागंज तहसीलों के करीब 85 गांव आते हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद में

  • घटपुरी (बदायूं–बरेली मार्ग)
  • डहरपुर (बदायूं–दातागंज मार्ग)
  • बनकोटा (बदायूं–मुरादाबाद मार्ग)

के समीप इंटरचेंज उपलब्ध या प्रस्तावित हैं, लेकिन इन इंटरचेंजों के बीच दूरी अधिक होने के कारण बिल्सी, बिसौली, सहसवान और इस्लामनगर क्षेत्र के लोगों को 25 से 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।

नागपुर (रानेट चौराहा) क्यों है उपयुक्त

सांसद ने पत्र में स्पष्ट किया कि ग्राम नागपुर (बिसौली) भौगोलिक दृष्टि से इंटरचेंज के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थान है। यहां इंटरचेंज बनने से—

  • बिल्सी–बिसौली क्षेत्र को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क मिलेगा
  • मौजूदा इंटरचेंजों पर यातायात का दबाव कम होगा
  • किसानों, व्यापारियों, छात्रों और मरीजों को आवागमन में वास्तविक सुविधा मिलेगी
  • क्षेत्र में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे
राजनीति में उठा बड़ा सवाल

सबसे अहम सवाल यह है कि जब बदायूं के दातागंज क्षेत्र के विधायक राजीव सिंह गंगा एक्सप्रेसवे का अधिकतम लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए दिनरात प्रयासरत दिखते हैं, तब बिल्सी से भाजपा विधायक हरीश शाक्य और बिसौली से सपा के टिकिट पर चुने गए लेकिन वर्तमान में भाजपा सरकार के सहायक विधायक इस मुद्दे पर गंभीर क्यों नहीं नजर आ रहे?

जहां एक ओर विपक्ष के सांसद आदित्य यादव क्षेत्रीय हितों को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष के इन दोनों जनप्रतिनिधियों की चुप्पी अब राजनीतिक हलकों और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बनती जा रही है।

अब निगाहें यूपीडा और जनप्रतिनिधियों पर

सांसद आदित्य यादव ने यूपीडा से आग्रह किया है कि प्रस्तावित इंटरचेंज के संबंध में तकनीकी परीक्षण कर शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि बदायूं जनपद को गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।

अब देखना यह होगा कि

  • क्या यूपीडा इस मांग पर जल्द निर्णय लेता है?
  • और क्या बिल्सी व बिसौली के विधायक भी इस जनहित के मुद्दे पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे, या यह मांग सिर्फ विपक्ष की आवाज बनकर ही रह जाएगी?
  • क्या बदायूं के इन क्षेत्रों को जानबूझकर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से वंचित रखा जा रहा है?
  • सपा आने वाले चुनावों में इसे मुद्दा बना सकती है?

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