
मेरठ। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत व्यापारियों को हो रही परेशानियों के समाधान की मांग को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) ने मंगलवार को मेरठ में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन अपर आयुक्त (ग्रेड-2), खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, मेरठ के माध्यम से दिया गया।
व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में सैंपलिंग, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, जुर्माना और लक्ष्य आधारित कार्रवाई के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बढ़ रहा है, जिससे छोटे और मझोले व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हैं। संगठन ने रजिस्ट्रेशन सीमा 12 लाख से बढ़ाकर 40 लाख करने, लाइसेंस न होने पर सजा की व्यवस्था समाप्त करने, ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों पर समान नियम लागू करने, पैकिंग संबंधी मामलों में रिटेलरों को दोषमुक्त करने सहित 18 प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखीं।
प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो यह ज्ञापन पूरे प्रदेश में प्रत्येक जिला इकाई द्वारा जिलाधिकारियों के माध्यम से दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि कानून का उद्देश्य जनस्वास्थ्य की रक्षा है, न कि ईमानदार व्यापारियों का शोषण।
व्यापार मंडल ने सरकार से मांग की कि नियमों में व्यावहारिक सुधार कर भ्रष्टाचार और व्यापारी उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि व्यापार सुचारु रूप से चल सके और आम जनता को सुरक्षित व सुलभ खाद्य सामग्री मिलती रहे।


























