



बिल्सी: कछला रोड स्थित रंजना प्रयाग कुंज में शनिवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन न सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक संदेशों के कारण चर्चा में रहा, बल्कि यूजीसी एक्ट 2026 को लेकर उपजे सवर्ण समाज के असंतोष की झलक भी इस आयोजन में साफ दिखाई दी। सम्मेलन में जहां एक ओर सनातन एकता और राष्ट्र निर्माण की बात हुई, वहीं दूसरी ओर कई भाजपा नेताओं की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में नए सवाल खड़े कर दिए।
यूजीसी कानून का असर, भाजपा नेताओं की दूरी बनी संदेश
बताया जा रहा है कि यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में पहले मुखर रहे कई भाजपा नेता इस सम्मेलन से दूर नजर आए। चार-पांच नेताओं को छोड़ दिया जाए तो बड़ी संख्या में ऐसे नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जिसे इशारों-इशारों में नाराजगी का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह दूरी भाजपा नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
हजारों की उम्मीद, सैकड़ों की मौजूदगी
हिंदू सम्मेलन में हजारों की भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन मौके पर सैकड़ों की संख्या में ही लोग उपस्थित नजर आए। इनमें भी अधिकांश संख्या पीठाधीश्वर के परिचितों, विधायक के नजदीकी लोगों और नगर पालिका स्टाफ से जुड़े लोगों की बताई जा रही है। इससे यह संकेत भी मिला कि सवर्ण समाज के भीतर भाजपा को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है, जिसने पार्टी के स्थानीय नेतृत्व में खलबली मचा दी है।
आचार्य ललितेश्वरानंद महाराज ने दिया एकजुटता का संदेश
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बलदेव धाम गोधनी के पीठाधीश्वर आचार्य ललितेश्वरानंद महाराज ने हिंदू समाज से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की ध्वजा को पूरे देश में फैलाने के लिए जाति-बिरादरी से ऊपर उठकर कार्य करना होगा। उन्होंने क्रोध और अहंकार त्याग कर समाज को संगठित होने की आवश्यकता पर बल दिया।
संघ शताब्दी वर्ष और सनातन विचारों पर चर्चा
सम्मेलन में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका बीके ऊषा ने वास्तविक धर्म और आत्मिक चेतना पर प्रकाश डाला। वहीं विभाग प्रचारक सुधांशु जी महाराज ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे महाअभियान की विस्तृत जानकारी दी।
जन जागरण यात्रा और सांस्कृतिक माहौल
सम्मेलन से पूर्व बलदेव धाम से विशाल जन जागरण यात्रा निकाली गई, जो मुख्य बाजार, अटल चौक और बालाजी तिराहा होते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। यात्रा में आचार्य ललितेश्वरानंद महाराज खुली जीप में श्रद्धालुओं का अभिवादन करते नजर आए।
कवि नरेंद्र मोहन गरल की ओजपूर्ण काव्य प्रस्तुति—
“बूंद-बूंद मिल जाएगी तो जल दरिया हो जाएगा…”ऐसा रंग उड़ेगा भारत में सब केसरिया हो जाएगा” पर पंडाल वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
इनकी रही उपस्थिति
सम्मेलन में विधायक हरीश शाक्य, नगर कार्यवाहक डॉ. उमेंद्र गुप्ता, अखिल मालपानी, पालिका अध्यक्ष ज्ञान देवी सागर, पूर्व पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश सागर, सुधीर सोमानी, आदित्य महेश्वरी, अर्जुन सिंह चौहान, सुवीन माहेश्वरी, एडवोकेट विवेक राठी, अक्षय दीक्षित, रजनीश शर्मा, राहुल शर्मा सहित अन्य जनपदों से आए हिंदू समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजा बाबू वार्ष्णेय ने की तथा संचालन नरेंद्र मोहन गरल ने किया।
राजनीतिक संकेत
हिंदू सम्मेलन के मंच से जहां एकता और सनातन की बात हुई, वहीं मंच के बाहर यूजीसी कानून को लेकर भाजपा और सवर्ण समाज के बीच बढ़ती दूरी साफ नजर आई। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह असंतोष राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और भाजपा के लिए चुनौती बन सकता है।


























