










बिल्सी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नगर में श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कारों का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री महाकालेश्वर सेवा समिति द्वारा इस पवित्र अवसर पर लगातार तीसरे वर्ष एक निर्धन कन्या का विवाह पूरे विधि-विधान, धूमधाम और सामाजिक सहभागिता के साथ संपन्न कराया गया। समिति का यह पुण्य कार्य अब एक वार्षिक परंपरा का रूप ले चुका है, जिसकी नगर ही नहीं बल्कि ग्रामीण अंचलों तक भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।
रविवार को महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर नगर के मुख्य बाजार स्थित कुटी मंदिर परिसर में प्रातः बाबा महाकाल का भव्य एवं दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके पश्चात संगीतमय भजन-कीर्तन और मंगल गीतों के बीच शिव विवाह का भव्य आयोजन हुआ। इसी पावन वातावरण में एक निर्धन कन्या का विवाह कराकर समिति ने यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति वही है जिसमें सेवा और संवेदना का समावेश हो।
इस अनोखे और प्रेरणादायी विवाह समारोह में विधायक हरीश शाक्य, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, ब्लॉक प्रमुख सहसवान विक्रांत यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। सभी अतिथियों ने वर-वधू को आशीर्वाद प्रदान करते हुए समिति के इस सामाजिक कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की।
रात्रि लगभग 9:00 बजे जयमाला का भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें समाजसेवी एवं पूर्णागिरि ग्रुप के संचालक दीपक चौहान, अमित वार्ष्णेय, भाजपा नेता सुधीर सोमानी, राकेश माहेश्वरी, अंशुल वार्ष्णेय, महंत संजय शर्मा, चंद्रशेखर गुप्ता, सुरेश बाबू गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार ललित मोहन वार्ष्णेय, गौरव माहेश्वरी, कुलदीप माथुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित होकर नवदम्पती के सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर “बम बम भोले” और “महाकाल की जय” के जयघोष से गूंजता रहा। भक्तिमय वातावरण, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भजनों की मधुर धुनों ने आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।
कार्यक्रम के समापन पर महाकालेश्वर सेवा समिति के सदस्यों — मुन्ना बाबू वार्ष्णेय, गुरुजी कुलदीप वार्ष्णेय, सौरव वार्ष्णेय, रंजन महेश्वरी, रजनीश शर्मा, उमेश वार्ष्णेय, सुमित वार्ष्णेय, दिनेश वार्ष्णेय, डीडी अंशुल वार्ष्णेय, पंकज वार्ष्णेय — ने इस पुण्य अवसर पर पधारे सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर निर्धन कन्या का विवाह कराना उनका संकल्प है, ताकि समाज में सहयोग, करुणा और सनातन मूल्यों की भावना निरंतर मजबूत होती रहे।
निःसंदेह, यह आयोजन बिल्सी में सामाजिक चेतना और धार्मिक आस्था का एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा।


























