
- रेल मानचित्र पर मजबूत होगा बदायूं,
- व्यापार और यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
- ब्रॉडगेज लाइन के बाद पहली बड़ी सफलता
- बदायूं को रेल से मिलेगा दिल्ली का सीधा रास्ता सस्ता होगा सफर
बदायूं। जनपद बदायूं के लिए रेलवे कनेक्टिविटी को लेकर वर्षों से चला आ रहा इंतज़ार अब खत्म होने जा रहा है। एक दशक पहले जब केंद्र मे यूपीए-2 सरकार के दौरान बदायूं की छोटी रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज में बदला गया, तब जिले में यह उम्मीद जगी थी कि अब बदायूं की सीधी रेल कनेक्टिविटी देश के बड़े महानगरों और दूरदराज़ राज्यों से हो सकेगी। रेलवे ने इस परियोजना पर भारी धनराशि खर्च की-खास तौर पर बदायूं मे कछला गंगा पर और बरेली मे रामगंगा के ऊपर नए पुल बनाये गए , वहीं कई जगह अंडरपास, और रेलवे क्रॉसिंग बंद कर आधुनिक ढांचा तैयार किया गया। केंद्र मे 2014 मे यूपीए सरकार जाने के बाद मोदी सरकार आने के बाद जनपद मे ब्रॉडगेज लाइन मे परिवर्तित होने लाइन के विद्युती हो जाने के बाद भी बदायूं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। इस विकास पर बदायूं होकर मुंबई और उत्तराखंड के लिए सप्ताह में केवल एक ट्रेन मिली, वहीं आगरा-मथुरा के लिए रोज़ाना कोई सीधी सेवा नहीं मिलने से जनपदवासियों में निराशा हाथ। रेलवे ने इस रूट का उपयोग सवारी गाड़ियों से अधिक मालगाड़ियों के संचालन कर राजस्व कमाने में किया, जबकि व्यापारियों को भी बड़ी रेल लाइन का कोई लाभ नहीं मिल पाया। बदायूं मे जो माल गोदाम बना हुआ था उसे भी उझानी शिफ्ट कर दिया गया, जिससे स्थानीय व्यापार को भारी नुकसान हुआ।
विदित हो कि छोटी लाइन के दौर में बदायूं से लखनऊ के लिए सीधी सेवा (पीलीभीत–मैलानी–लखीमपुर खीरी वाया सीतापुर) उपलब्ध थी, जिसे ब्रॉडगेज होने के बाद बंद कर दिया गया। परिणामस्वरूप बदायूं वासियों को दिल्ली व लखनऊ के लिए बरेली, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण राज्यों के लिए आगरा-मथुरा जाना पड़ता रहा—जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। यूपीए सरकार में ब्रॉड गेज और स्टेशनों का कायाकल्प तो हुआ, लेकिन मोदी सरकार आने के बाद 2014 से 2026 तक के 12 वर्षों में कोई भी जनप्रतिनिधि दिल्ली, लखनऊ, कानपुर या दक्षिण भारत के लिए सीधी रेल सेवा सुनिश्चित नहीं करा सका।
अब पूरी होने जा रही वर्षों पुरानी आस
केंद्रीय राज्यमंत्री और राज्यसभा सांसद बी.एल. वर्मा के प्रयासों से अब बदायूं को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बदायूं से दिल्ली सीधी ट्रेन सेवा इसी महीने शुरू होगी यह उम्मीद की जा रही है। रेलवे सूत्रों के अनुसार यह ट्रेन कासगंज जंक्शन से चलने वाली इंटरसिटी होगी, जिसे इस रूट पर संचालित किया जाएगा। ट्रेन के समय को लेकर मंथन जारी है रेलवे इस ट्रेन को दोपहर के समय पर चलाने का विचार कर रहा है, जबकि केंद्रीय राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा शाम के समय ट्रेन चलाने की वकालत कर रहे हैं।
बी.एल. वर्मा ने वीते दिनों बदायूं को रिंग रोड़ के साथ इस सीधी रेल सेवा की घोषणा करते हुए रेल मंत्री का आभार जताया था और बताया था कि उनका दिया गया प्रस्ताव रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली के बाद लखनऊ के लिए भी सीधी ट्रेन सेवा भी जल्द मिलेगी। यह मांग लंबे समय से व्यापारियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और आम नागरिकों द्वारा उठाई जाती रही है।
व्यापार, उद्योग और आमजन को होगा बड़ा लाभ

व्यापार मंडलों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। वीरेंद्र धींगड़ा, जिलाध्यक्ष, बदायूं उद्योग व्यापार मंडल एवं रेलवे वोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं ने कहा कि इसके लिए उन्होंने वर्षों तक पत्राचार और बैठकों में यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। अब यदि केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा के प्रयास से यह सेवा शुरू होती है, तो यह जिले के लिए खुशी का अवसर है,ट्रेन के शुभारंभ पर व्यापार मंडल मिठाई बांटकर धन्यवाद देगा।

के.बी. गुप्ता, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने कहा कि व्यापारी और उद्योग जगत के लिए वह दिन एक बड़ा दिन साबित होगा जिस दिन बदायूं जनपद वासियों को दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की सौगात मिलेगी उन्होंने कहा कि जिले के कई व्यापारी आए दिन दिल्ली जाते हैं। ट्रेन शुरू होने से उनके समय की बचत होगी। दिल्ली की सीधी ट्रेन व्यापारियों के समय की बचत करेगी और आवागमन सुगम होगा।
विश्व हिन्दू परिषद के नेता अंश गुप्ता ‘मयूर’ ने कहा कि पहले भी प्रयास हुए, लेकिन इस बार केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा की ओर से सार्थक और ठोस पहल की गई है। दिल्ली की सीधी ट्रेन से व्यापारी, युवा, छात्र और मरीज—हर वर्ग को लाभ मिलेगा।

कुल मिलाकर, वर्षों की प्रतीक्षा के बाद बदायूं को मिलने जा रही यह रेल सौगात जिले की कनेक्टिविटी, व्यापार और विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।


























