नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण: आचार्य अभ्यास वर्ग में सिखाई गईं आधुनिक तकनीकें

बदायूं। मीरा चौकी स्थित श्री राम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आज आचार्य अभ्यास वर्ग का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास वर्ग का उद्देश्य शिक्षण को अधिक रोचक, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाना रहा, जिसमें आचार्यों को क्रिया आधारित शिक्षण पद्धति का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विद्या भारती ब्रज प्रांत के जिला समन्वयक एवं बरेली संभाग के संभाग निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने कहा कि“शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए क्रिया आधारित शिक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”

उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत शिशुओं में अंग्रेजी संभाषण, संस्कृत संभाषण, विज्ञान, गणित, हिंदी, सामाजिक विषय एवं सदाचार जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से पढ़ाने की तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी।

सुनील कुमार सिंह ने फाइंड आउट द वर्ड ऑन ब्लैकबोर्ड, कैच द वर्ड, टच द बोर्ड जैसी शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार बच्चे खेल-खेल में विषयों को जल्दी समझते हैं और उनमें सीखने की रुचि बढ़ती है।

इस अवसर पर संकुल प्रमुख सतीश चंद्र गंगवार ने शिक्षा में गुणवत्ता, अनुशासन और अंग्रेजी स्पीकिंग की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए आचार्यों को मार्गदर्शन दिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य कालिका प्रसाद गंगवार ने आचार्य परिवार को प्रभावी शिक्षण, विद्यार्थी केंद्रित पढ़ाई और संस्कारयुक्त शिक्षा के महत्व पर जानकारी दी।
कार्यक्रम में अतिथि परिचय अनुज पटेल ने कराया तथा धन्यवाद ज्ञापन कमलेश कुमार ने किया।

अभ्यास वर्ग में शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख राजकुमार सिंह सेंगर, हिमांशु उपाध्याय, शैलेंद्र सिंह, कंचन राठौर, रुचि चौहान, नेहा राठौर, ज्योति सक्सेना, संतोष रावत, शिवांगी गुप्ता, प्रीति पुंडीर, दीक्षा गोस्वामी, प्रियंका सक्सेना, अचल शर्मा, अशोक कुमार सहित समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा।
सभी ने इस अभ्यास वर्ग को शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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