इतिहास की ओर लौटने की कोशिश,नाम परिवर्तन को लेकर कल से शुरू हो रही आंदोलनात्मक पहल,
बदायूं। जनपद बदायूं का नाम परिवर्तित कर उसके प्राचीन एवं ऐतिहासिक नाम ‘वेदामऊ’ किए जाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय सनातन बोर्ड, जिला बदायूं एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इस संबंध में संगठन की ओर से माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा जाएगा।
अखिल भारतीय सनातन बोर्ड के जिला कार्याध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता द्वारा जारी पूर्व सूचना के अनुसार, यह कार्यक्रम सोमवार 12 जनवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे आयोजित किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मालवीय आवास पर एकत्र होकर सामूहिक रूप से जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचेंगे और वहां ज्ञापन सौंपेंगे।
डॉ. सुशील गुप्ता ने बताया कि बदायूं का इतिहास अत्यंत प्राचीन, गौरवशाली एवं वैदिक काल से जुड़ा हुआ रहा है। ऐतिहासिक और पौराणिक साक्ष्यों के अनुसार इस क्षेत्र को प्राचीन काल में वेदामऊ के नाम से जाना जाता था। वर्तमान नाम बदायूं इस सांस्कृतिक पहचान को पूर्ण रूप से प्रतिबिंबित नहीं करता, जबकि वेदामऊ नाम जनपद की सनातन, वैदिक और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त रूप से दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन की यह मांग किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से की जा रही है। संगठन का मानना है कि जिले का प्राचीन नाम पुनः स्थापित होने से न केवल सांस्कृतिक चेतना मजबूत होगी, बल्कि बदायूं को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी मिलेगी।
अखिल भारतीय सनातन बोर्ड ने जनपद के सभी सनातन प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से इस कार्यक्रम में सहभागिता कर ऐतिहासिक पहल को समर्थन देने की अपील की है।


























