बदायूं।प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों पर ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली (FRS आधारित जियो-फेंस्ड AI-ML अटेंडेंस प्लेटफॉर्म) लागू करने के निर्णय के बाद प्रदेशभर में सचिव संवर्ग में भारी रोष है। इसी के विरोध में ग्राम पंचायत अधिकारी -ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति, जनपद बदायूं ने विस्तृत ज्ञापन जारी करते हुए क्रमिक शांतिपूर्ण सत्याग्रह कार्यक्रम की घोषणा की है।
अनुचित दबाव और संसाधनों के अभाव का आरोप
सचिव संगठन ने अवगत कराया कि 03 नवंबर 2025 के शासनादेश के बाद कुछ विकास खंडीय अधिकारियों ने बिना किसी भौतिक संसाधन (मोबाइल टैब, हाई-स्पीड इंटरनेट, पॉवर बैकअप आदि) उपलब्ध कराए ही सचिवों पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
संगठन का कहना है कि—
- “प्रदेश में अभी तक निदेशालय या आयुक्त कार्यालय से स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं आए, फिर भी स्थानीय अधिकारी पत्र जारी कर सचिवों पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे हैं।”
- “मूल विभागीय कार्यों के अलावा सचिवों पर अन्य विभागों के कार्य भी थोपे जा रहे हैं, जिससे मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति बन गई है।”
संगठन ने शासन को बताया कि यूपी पीआरडी पोर्टल पर जारी FRS सिस्टम तकनीकी रूप से जटिल है, और संसाधनहीन ग्रामीण वातावरण में यह व्यवहारिक रूप से लागू करना संभव नहीं है।
विभिन्न संगठनों ने भी किया विरोध
ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के विरोध में क्रमशः—
- 10 नवंबर 2025 को उ.प्र. ग्राम पंचायत अधिकारी संघ,
- 11 नवंबर को ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन,
- और 14 नवंबर को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, ने शासन को पत्र भेजकर पुनर्विचार व स्थगन की मांग की थी। अब तक इन पत्रों पर सरकार द्वारा कोई संज्ञान न लिए जाने से सचिव संवर्ग में रोष बढ़ रहा है।
सचिव संगठनों का चरणबद्ध शांतिपूर्ण आंदोलन
1 से 4 दिसंबर — काली पट्टी बांधकर कार्य सभी पंचायत सचिव और ग्राम विकास अधिकारी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराते हुए नियमित कार्य करेंगे।
5 दिसंबर — 11 से 1 बजे तक खंड मुख्यालय पर सत्याग्रह
- सभी सचिव संगठन के बैनर तले दरी पर बैठकर शांतिपूर्ण धरना देंगे।
- सत्याग्रह के बाद मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जाएगा।
- इसके बाद सभी सचिव जिला और ब्लॉक स्तर के सरकारी व्हाट्सऐप ग्रुप छोड़ देंगे।
- दोपहर 1 बजे के बाद सचिव फिर अपने नियमित कार्य करेंगे।
10 दिसंबर -इंजन चालित वाहनों का उपयोग बंद
- सचिव केवल अनुमन्य ₹200 साइकिल भत्ता के नियमानुसार साइकिल/टेम्पो/बस से ही भ्रमण करेंगे।
- मोटरसाइकिल भत्ता बहाल करने की मांग शासन से की जाएगी।
15 दिसंबर — DSC/डोंगल जमा करेंगे
- जटिल ई-ग्राम स्वराज व पंचायत गेटवे प्रणाली के विरोध में
सभी सचिव अपने DSC/डोंगल विकास खंड कार्यालय में जमा करेंगे। - सचिवों का कहना है कि ग्राम प्रधानों की कोई शैक्षिक अनिवार्यता नहीं है, इसलिए उनसे DSC संचालन की अपेक्षा तर्कसंगत नहीं है।
संगठन ने चेतावनी दी- समाधान न हुआ तो बड़ा आंदोलन
संगठन ने साफ कहा कि-“अगर शासन सकारात्मक वार्ता नहीं करता, तो यह आंदोलन आगे चलकर संपूर्ण कार्य बहिष्कार और अनवरत धरने में बदल सकता है। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले पदाधिकारी
ग्राम पंचायत अधिकारी–ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति, जनपद बदायूं
- रमेश चन्द्र पाल, जिलाध्यक्ष (ग्राम विकास अधिकारी संघ)
- विशाल पटेल, जिलाध्यक्ष (ग्राम पंचायत अधिकारी संघ)
- अजयपाल सिंह, जिलामंत्री (ग्राम विकास अधिकारी संघ)
- अवधेश कुमार, जिलामंत्री (ग्राम पंचायत अधिकारी संघ)
- अमोल पाराशर, उपाध्यक्ष,रीना पाठक, महिला उपाध्यक्ष
- अंकुर पाराशरी, मंत्री, नदीम हुसैन, मंत्री, नवीन शर्मा संरक्षक, राजेंद्र यादव संरक्षक,
कार्यक्रम में उपस्थित (सालारपुर ब्लॉक)
कृपाल सिंह, आदिल रशीद खान, पवन सक्सेना, धर्मेंद्र सिंह, अजीत सिंह, रामबाबू, दीपक गुप्ता, वर्षा पाठक, आकाश सक्सेना
तथा एन.डी. खान, कार्यालय सहायक


























