










मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे ने भीषण तबाही मचा दी। मथुरा जनपद के बलदेव थाना क्षेत्र अंतर्गत 127 किलोमीटर माइलस्टोन के पास सुबह करीब 3:30 बजे हुए भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक यात्री घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद कई बसों और कारों में आग लग गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान पहले एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसके बाद पीछे से आ रही सात बसें और तीन कारें एक-दूसरे से टकराती चली गईं। टक्कर के बाद कई वाहनों में आग भड़क उठी। हादसे के वक्त बसें यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई थीं, जिससे नुकसान और भी ज्यादा हो गया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। यात्री जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। डीएम, एसएसपी, सीओ और एसडीएम भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।
मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें से चार शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
वहीं एसएसपी मथुरा श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे में सात बसें और तीन कारें आपस में टकराईं, जिससे आग लग गई। राहत एवं बचाव कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। 40 से अधिक घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया। सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के समय वह गहरी नींद में था। अचानक तेज धमाके की आवाज आई, आंख खुली तो चारों तरफ आग फैल चुकी थी। यात्री चीख रहे थे और चारों ओर अफरा-तफरी मची हुई थी। कई लोग किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल पाए।
हादसे का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के बेहतर और समुचित इलाज के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी घायलों का इलाज लगातार जारी है और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।


























