
अयोध्या।पावन नगरी अयोध्या स्थित श्रीरामचरितमानस भवन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के भव्य सम्मान समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेविका डॉ. मेघा अग्रवाल को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक योगदान और समाज सेवा के लिए “रामदास अग्रवाल जन सेवा सम्मान” से सम्मानित किया गया। इस सम्मान की खबर से बदायूं और चंदौसी नगर में हर्ष और गौरव का वातावरण है, जहां इसे क्षेत्र की प्रतिभा का राष्ट्रीय सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
साहित्य और समाज में बनाई अलग पहचान
डॉ. मेघा अग्रवाल ने साहित्य के क्षेत्र में देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी रचनाएं सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करती हैं। साहित्य के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी उन्होंने एक अलग छाप छोड़ी है, जिसके चलते वे समाज के विभिन्न वर्गों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं।
सर्वसम्मति से मिला सम्मान
अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की रामदास अग्रवाल जन सेवा सम्मान समिति ने डॉ. मेघा अग्रवाल की साहित्यिक सेवाओं और वैश्य समाज के उत्थान के प्रति समर्पण को देखते हुए सर्वसम्मति से उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित किया था। इस संबंध में संगठन की ओर से उन्हें पूर्व में औपचारिक पत्र भेजकर सम्मान के लिए आमंत्रित किया गया था, जिसमें उनके योगदान की सराहना करते हुए अयोध्या में आयोजित राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में सम्मानित किए जाने की सूचना दी गई थी।
रामजन्मभूमि के महासचिव ने किया सम्मानित
सम्मान समारोह में अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल की अध्यक्षता में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव श्री चंपतराय जी ने डॉ. मेघा अग्रवाल को शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह (मुमेंटो) भेंट कर तथा एक लाख रुपये की धनराशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।
बदायूं के उद्योगपति हरि अग्रवाल भी रहे मौजूद
डॉ. मेघा अग्रवाल के पति हरि अग्रवाल, जो बदायूं के जाने-माने उद्योगपति और समाजसेवी हैं, की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी गरिमामय बना दिया। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका और सहयोग को भी क्षेत्र में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। दंपति को बदायूं और चंदौसी में सामाजिक व बौद्धिक चेतना का सशक्त प्रतीक माना जाता है।
सम्मान से मिली नई प्रेरणा
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. मेघा अग्रवाल ने कहा कि यह सम्मान उन्हें साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण, जिम्मेदारी और ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने इस सम्मान को अपने पाठकों, समाज और वैश्य महासम्मेलन के विश्वास को समर्पित बताया।
प्रमुख लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर हरि अग्रवाल, अवधेश लड्डा, नवनीत कुमार सहित अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के कई पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण
डॉ. मेघा अग्रवाल को मिला यह सम्मान बदायूं और चंदौसी क्षेत्र के लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि साहित्य, समाज सेवा और बौद्धिक चेतना का सामूहिक गौरव माना जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।


























