



इस्लामनगर (बदायूं)। कलयुग में भक्ति की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव ब्यौर कासिमाबाद में एक ऐसी शादी हुई, जो पूरे जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गई है। यहां 28 वर्षीय शिक्षित युवती पिंकी शर्मा ने किसी मानव से नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के साथ विधि-विधान से विवाह रचाया। इस अनोखी शादी में पूरा गांव बाराती और घराती बना, वहीं परिवार ने पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया।
शनिवार को विवाह संपन्न हुआ और रविवार सुबह विधिवत विदाई भी हुई, हालांकि पिंकी अब भी अपने मायके में ही निवास करेंगी। इस विवाह के बाद गांव से लेकर सोशल मीडिया तक लोग पिंकी को “कलयुग की मीरा” कहने लगे हैं।
कार में दूल्हा बने श्रीकृष्ण, सजी पूरी बारात


शनिवार को पिंकी शर्मा के घर को दुल्हन की तरह सजाया गया। घर के सामने भव्य मंडप बनाया गया। उनके जीजा इंद्रेश कुमार अपने परिवार के साथ कार से बारात लेकर पहुंचे। करीब सवा सौ बाराती इस अनोखी बारात का हिस्सा बने।भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर प्रतिमा को दूल्हे की तरह सजाया गया और कार में विराजमान कर पूरे गांव में बारात निकाली गई।

जैसे ही बारात पिंकी के घर पहुंची, द्वार पूजा की रस्म हुई। इसके बाद खुद पिंकी श्रीकृष्ण की प्रतिमा को गोद में लेकर स्टेज पर पहुंचीं। पहले उन्होंने भगवान को जयमाल पहनाई, फिर खुद भी माला धारण की। इस दौरान वृंदावन से आए कलाकारों ने भक्ति नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

इसके बाद सिंदूर दान, सात फेरे और अन्य वैवाहिक रस्में पूरी की गईं। पूरे गांव के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया।
पिता ने बताया-प्रसाद में मिली अंगूठी, उसी दिन मान लिया पति
स्वदेश केसरी न्यूज़ की टीम जब गांव ब्यौर कासिमाबाद पहुंची, तो घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी थी। पिंकी के पिता सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी पांच संतानें हैं— तीन बेटे और दो बेटियां।
सबसे बड़े बेटे योगेंद्र (40), अन्नू शर्मा (36), मुनेंद्र शर्मा (32), निखिल शर्मा (30) और सबसे छोटी बेटी पिंकी शर्मा (28) हैं।

पिता ने बताया—
“पिंकी बचपन से ही बेहद धार्मिक रही है। अक्सर मेरे साथ वृंदावन जाती थी। लौटने के कुछ ही महीनों बाद दोबारा जाने की जिद करने लगती थी। धीरे-धीरे वह कान्हा को ही अपना सर्वस्व मान बैठी।”
करीब चार महीने पहले बांके बिहारी मंदिर में प्रसाद लेते समय पिंकी के आंचल में शुद्ध सोने की एक अंगूठी मिली। पिंकी ने इसे कान्हा का संकेत मान लिया और उसी दिन यह निर्णय कर लिया कि वह किसी मानव से नहीं, केवल श्रीकृष्ण से ही विवाह करेंगी।
बीमारी में भी उठाया विग्रह, चमत्कारिक रूप से स्वस्थ हुईं
कुछ समय पहले पिंकी बीमार पड़ीं। उसी दौरान उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे परिवार को चौंका दिया। उन्होंने भारी श्रीकृष्ण विग्रह को गोद में उठाकर वृंदावन और गोवर्धन की परिक्रमा पूरी की। इसके बाद उनकी तबीयत में तेजी से सुधार हुआ, जिसे परिवार ने कान्हा का चमत्कार माना।
पिता का ऐलान— बेटी को भी मिलेगी संपत्ति में बराबरी
पिंकी के इस फैसले पर पिता सुरेश चंद्र शर्मा ने खुलकर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि “मैं अपनी बेटी को भी बेटों की तरह जायदाद में पूरा हिस्सा दूंगा।”
मां रामेन्द्री देवी ने कहा—
“शुरू में हमें यह सब थोड़ा अजीब जरूर लगा, लेकिन बेटी का फैसला सच्ची भक्ति से जुड़ा है, इसलिए हमने खुशी-खुशी शादी कराई। चाचा-ताऊ, भाई-बहन, सभी ने पिंकी के निर्णय को स्वीकार किया।”
पिंकी बोलीं— जीवन भगवान को समर्पित

शिक्षा-शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट पिंकी शर्मा ने स्वदेश केसरी न्यूज़ से बातचीत में कहा-“पढ़ाई अपनी जगह है, लेकिन मेरा मन हमेशा भक्ति में रमता है। मुझे यह रास्ता स्वयं कान्हा ने दिखाया है। अब मेरे जीवन की डोर वही थामेंगे।”
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले (2023–2024)
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का विवाह सामने आया हो। इससे पहले भी—अलीगढ़, हल्द्वानी, हरदोई औरैया, जैसे जिलों में 2023 और 2024 के दौरान भगवान श्रीकृष्ण से विवाह के ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। जब उन मामलों की चर्चा हुई थी, तब भी लोगों ने इन्हें मीरा की भक्ति से जोड़कर देखा था। अब बदायूं का यह मामला भी उसी कड़ी में जुड़ गया है।


























