


बरेली। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल रोड बरेली में आज वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रेरणास्रोत भाऊराव देवरस की जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, शिक्षकगण और विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
महारानी लक्ष्मीबाई का साहस हर भारतीय के लिए प्रेरणा — बांकेलाल सक्सेना
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री बांकेलाल सक्सेना ने महारानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति उनके अप्रतिम समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने कहा-“झाँसी की रानी का जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ है। विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र की रक्षा हेतु उनका दृढ़ संकल्प उन्हें महान बनाता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और निडरता जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
भाऊराव देवरस समाज समरसता और सेवा के प्रतीक
विशिष्ट वक्ता श्री राजेश कुमार शर्मा ने भाऊराव देवरस के संगठन कौशल, सेवा कार्यों और समाज की अंतिम पंक्ति तक सेवा पहुँचाने की उनकी अवधारणा पर सारगर्भित उद्बोधन दिया।उन्होंने कहा-“शिशु मंदिर योजना के माध्यम से शिक्षा जन-जन तक पहुँचे, इसके सूत्रधार भाऊराव देवरस ही रहे। राष्ट्र निर्माण में उनके विचार आज भी मार्गदर्शक हैं।”
श्रद्धांजलि और संकल्प
कार्यक्रम के अंत में दोनों महान विभूतियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर सभी ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
प्रधानाचार्य का वक्तव्य
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा-“देश के इतिहास और महापुरुषों के आदर्शों को बच्चों तक पहुँचाने का प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।”
उपस्थितजन
इस अवसर पर ऋषभ मिश्रा, रामकिशोर श्रीवास्तव, आसाराम गंगवार, राजीव कुमार, सतीश शर्मा, जूही गुप्ता, पारुल सक्सेना, साधना शर्मा, प्रियंका यादव, नीलम मिश्रा आदि उपस्थित रहे।


























